जमशेदपुर: चांडिल थाना क्षेत्र के एनएच-32 स्थित टेंथ माइल स्टोन होटल के समीप पिछले सोमवार को जमशेदपुर के युवा कारोबारी निखार सबलोक की हत्या के छह दिन बीत चुके हैं. मामले में अब तक किसी मुख्य आरोपी अथवा शूटर की गिरफ्तारी की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. इस बीच हत्याकांड के सिलसिले में हिरासत में लेकर पूछताछ किए जा रहे सोनारी निवासी अशोक सिंह राघव की शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई. उसे इलाज के लिए टीएमएच में भर्ती कराया गया है.


बताया जा रहा है कि तबीयत बिगड़ने के बाद अशोक सिंह राघव को पहले एमजीएम अस्पताल ले जाया गया था. इसके बाद उसे टीएमएच में भर्ती कराया गया. इधर टीएमएच में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है. हालांकि अशोक सिंह राघव की तबीयत किस वजह से बिगड़ी और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है, इसे लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. पुलिस इस संबंध में फिलहाल कुछ भी बोलने से बचती नजर आ रही है.
शूटरों की पहचान का दावा, गिरफ्तारी के लिए दूसरे राज्यों में दबिश
पुलिस का दावा है कि हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ में हत्याकांड से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं और जांच तेजी से आगे बढ़ी है. शूटरों की पहचान कर लिए जाने की बात भी सामने आई है. उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग राज्यों में दबिश दे रही हैं.
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कोल्हान डीआईजी स्वयं जांच की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. जमशेदपुर और सरायकेला- खरसावां पुलिस के कई अधिकारी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटे हैं. पुलिस के अनुसार अपराध से जुड़ी कई कड़ियां सामने आ चुकी हैं और उन्हें साक्ष्यों के साथ जोड़ने का काम चल रहा है.
छह दिन बाद भी कई सवाल अनुत्तरित
इसके बावजूद छह दिन बाद भी हत्याकांड का आधिकारिक खुलासा नहीं होने से कई सवाल बने हुए हैं. यदि शूटर चिह्नित हो चुके हैं तो वे कौन हैं ? हत्या के पीछे वास्तविक मकसद क्या था ? वारदात की साजिश किसने रची ? और सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह कि जांच की आंच केवल वारदात को अंजाम देने वालों तक सीमित रहेगी या पुलिस इसके पीछे मौजूद वास्तविक साजिशकर्ता तक भी पहुंचेगी ?
मामले को लेकर अंदरखाने कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. प्रभावशाली लोगों की पैरवी और जांच को प्रभावित करने के कथित प्रयासों की बातें भी सामने आ रही हैं. हालांकि इन चर्चाओं की स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इसी बीच पूछताछ के दायरे में चल रहे अशोक सिंह राघव की अचानक तबीयत बिगड़ने और टीएमएच में भर्ती कराए जाने के बाद मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं. फिलहाल उसकी बीमारी और इन चर्चाओं के बीच किसी तरह का संबंध स्थापित करने वाला कोई आधिकारिक तथ्य सामने नहीं आया है.
अब पुलिस के खुलासे पर टिकी निगाहें
जैसे- जैसे हत्याकांड के बाद दिन बीत रहे हैं, पुलिस की ओर से सीमित जानकारी सामने आने के कारण अटकलों का बाजार भी गर्म हो रहा है. अशोक सिंह राघव के अस्पताल में भर्ती होने के बाद अब पुलिस की आगे की कार्रवाई पर भी निगाहें रहेंगी. निखार सबलोक हत्याकांड का आधिकारिक खुलासा ही कई सवालों का जवाब देगा. इससे यह भी स्पष्ट होगा कि पुलिस की जांच केवल वारदात को अंजाम देने वाले चेहरों तक पहुंची है या हत्या की पूरी साजिश और उसके पीछे मौजूद असल किरदारों को भी बेनकाब करेगी.

