सरायकेला: जमशेदपुर के चर्चित युवा कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता के रूप में गिरफ्तार अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव की बीमारी और लंबे समय तक अस्पताल में रहने को लेकर सवाल गहरा गए हैं. बेहतर चिकित्सकीय जांच के लिए सरायकेला सदर अस्पताल से जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजे गए राघव को वापस सरायकेला मंडल कारा भेज दिया गया है.


इस पूरे घटनाक्रम के बाद सरायकेला मंडल कारा में उसकी बीमारी के प्रारंभिक आकलन और अस्पताल भेजे जाने की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ गई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं. जांच में यह देखा जाएगा कि राघव को किन चिकित्सकीय आधारों पर जेल से अस्पताल भेजा गया और उसके उपचार एवं रेफरल की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन हुआ या नहीं.
12 सितंबर से सदर अस्पताल में था राघव
अशोक सिंह राघव को 12 सितंबर को जेल में स्वास्थ्य संबंधी शिकायत के बाद सरायकेला सदर अस्पताल लाया गया था. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पीएम बाड़ा ने पूर्व में बताया था कि चिकित्सकीय जांच के बावजूद बीमारी का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका था. इसके बाद मेडिकल बोर्ड ने बेहतर जांच के लिए उसे एमजीएम अस्पताल रेफर करने की अनुशंसा की थी.
करीब ढाई सप्ताह तक सदर अस्पताल में रहने के बाद 30 सितंबर को उसे एमजीएम भेजा गया. अब एमजीएम में चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद उसे वापस मंडल कारा भेजे जाने से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर उसकी स्वास्थ्य समस्या की वास्तविक स्थिति क्या थी.
पहले भी तबीयत बिगड़ने पर पहुंचा था TMH
राघव की बीमारी का यह पहला मामला नहीं है. निखार सबलोक हत्याकांड की जांच के दौरान 29 अगस्त को पुलिस पूछताछ के बीच उसकी तबीयत बिगड़ने की सूचना सामने आई थी. पुलिस उसे पहले एमजीएम लेकर गई, जहां से प्राथमिक जांच के बाद टीएमएच रेफर किया गया था. उस समय किसी विस्तृत आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन में बीमारी का कारण सार्वजनिक नहीं किया गया था. टीएमएच से छुट्टी मिलने के बाद उसे न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर सरायकेला मंडल कारा भेजा गया था. इसके कुछ दिनों बाद 12 सितंबर को स्वास्थ्य संबंधी शिकायत पर वह दोबारा सदर अस्पताल पहुंचा.
जेल डॉक्टर की भूमिका की जांच, रिपोर्ट के बाद तय होगी कार्रवाई
अब प्रशासन की जांच का महत्वपूर्ण बिंदु जेल स्तर पर हुआ प्रारंभिक चिकित्सकीय आकलन है. जांच में मेडिकल रिकॉर्ड, रेफरल के आधार और अस्पताल में कराई गई जांचों को देखा जाना महत्वपूर्ण होगा. यदि किसी स्तर पर नियमों के उल्लंघन या अनुचित चिकित्सकीय अनुशंसा की पुष्टि होती है, तभी संबंधित चिकित्सक अथवा अधिकारी की जवाबदेही तय की जा सकेगी.
निखार हत्याकांड में राघव को मुख्य साजिशकर्ता बता चुकी है पुलिस
गौरतलब है कि कारोबारी निखार सबलोक की 24 अगस्त को चांडिल क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. जांच के बाद पुलिस ने अशोक सिंह राघव को मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया और गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा. बाद में पुलिस ने उसके सोनारी स्थित आवास और कार्यालय समेत ठिकानों पर भी छापेमारी की. राघव के खिलाफ हत्याकांड में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय को करना है. वहीं उसकी बीमारी, अस्पताल में लंबे प्रवास और रेफरल प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक जांच अब इस पूरे मामले का एक अलग महत्वपूर्ण पहलू बन गई है.

