सरायकेला: अफीम की अवैध खेती पर रोक लगाने और ग्रामीणों को इसके कानूनी एवं सामाजिक दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए कुचाई पुलिस ने गांवों में जागरूकता अभियान तेज कर दिया है. इसी क्रम में शनिवार को कुचाई थाना क्षेत्र के सेगोई गांव में थाना प्रभारी रविन्द्र मुंडा के नेतृत्व में ग्रामीणों के साथ जागरूकता बैठक आयोजित की गई.


बैठक में ग्रामीणों से अफीम की खेती से पूरी तरह दूर रहने तथा आसपास कहीं भी इसकी अवैध खेती या मादक पदार्थों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई.
मुनाफे का लालच पड़ सकता है भारी
थाना प्रभारी रविन्द्र मुंडा ने कहा कि अफीम की अवैध खेती न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह समाज और युवाओं के भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा है. कुछ लोग अधिक मुनाफे के लालच में इसकी खेती की ओर आकर्षित होते हैं, लेकिन इसके कानूनी और सामाजिक परिणाम गंभीर हो सकते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है. अफीम की अवैध खेती करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
ग्रामीणों से मांगा सहयोग
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को अफीम की अवैध खेती से जुड़े कानूनी प्रावधानों तथा नशीले पदार्थों के सेवन और कारोबार से समाज को होने वाले नुकसान की जानकारी दी. पुलिस ने कहा कि किसी इलाके में अफीम की अवैध खेती की सूचना मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. रविन्द्र मुंडा ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए केवल पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है. इसमें समाज और ग्रामीणों की भागीदारी भी जरूरी है. पुलिस और जनता के आपसी सहयोग से ही नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है.
बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और पुलिसकर्मी मौजूद रहे. पुलिस ने ग्रामीणों से बिना भय के संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने और क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के अभियान में सहयोग करने की अपील की.

