
सरायकेला: दक्षिण पूर्व रेलवे के कांड्रा जंक्शन और कोल्हान क्षेत्र की रेल संबंधी समस्याओं को अब रेलवे के उच्च स्तर पर उठाने की तैयारी शुरू हो गई है. नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष एवं दक्षिण पूर्व रेलवे की क्षेत्रीय रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (ZRUCC) के सदस्य मनोज कुमार चौधरी को स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने मांग पत्र सौंपकर क्षेत्र की प्रमुख रेल समस्याओं के समाधान की मांग की है.


समाजसेवी डॉ. जोगेंद्र प्रसाद, अश्विनी दास एवं अन्य गणमान्य नागरिकों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कोविड काल के बाद कांड्रा जंक्शन से हटाए गए टाटा-थावे एक्सप्रेस (18181/18182) के ठहराव को पुनः बहाल करने तथा कांड्रा बाजार और झुरिया-ईचागढ़ क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए रेलवे लाइन के नीचे अंडरपास या लिमिटेड हाइट सबवे (LHS) निर्माण की मांग की गई है.
ज्ञापन में बताया गया है कि रेलवे लाइन के कारण कई गांव और आबादी क्षेत्र दो हिस्सों में बंट गए हैं, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. बरसात के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है.
मांग पत्र प्राप्त करने के बाद मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि कांड्रा जंक्शन की समस्याएं हजारों लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने आश्वस्त किया कि आगामी ZRUCC की 106वीं बैठक में इन मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा.
उन्होंने बताया कि बैठक में केवल कांड्रा ही नहीं, बल्कि पूरे कोल्हान प्रमंडल और सरायकेला-खरसावां जिले के रेल विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होगी. इनमें सरायकेला जिला मुख्यालय को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए सर्वेक्षण, चाईबासा से रांची, कोलकाता और पुरी के लिए नई ट्रेन सेवा, MEMU और पैसेंजर ट्रेनों का विस्तार, चाईबासा में पिट लाइन और कोचिंग टर्मिनल निर्माण, यात्री ट्रेनों के विलंब का समाधान तथा कोल्हान के लिए विशेष रेलवे विकास पैकेज जैसी मांगें शामिल हैं.
मनोज चौधरी ने कहा कि कोल्हान क्षेत्र भारतीय रेल को खनिज परिवहन के माध्यम से भारी राजस्व देता है. ऐसे में यहां के लोगों को बेहतर रेल सुविधाएं और आधुनिक बुनियादी ढांचा मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि जनता की सुविधा, क्षेत्र का विकास और बेहतर रेल संपर्क उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे.


