कैरो/लोहरदगा: कैरो प्रखंड अंतर्गत 21 पड़हा महुवारी राजस्व गांव में बुधवार को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया. पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था, रूढ़ी-प्रथा तथा संवैधानिक हक-अधिकारों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित इस सभा में सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण शामिल हुए. कार्यक्रम की शुरुआत पाहन-पुजार द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ की गई.


पारंपरिक व्यवस्था आदिवासी समाज की पहचान
ग्राम सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की असली पहचान उसकी पारंपरिक व्यवस्था, संस्कृति और रीति-रिवाजों में निहित है. पड़हा व्यवस्था के साथ ग्राम सभा, पाहन, पुजार, महतो और कोटवार की भूमिका गांव के सामाजिक संचालन में महत्वपूर्ण है. उन्होंने युवाओं से अपनी परंपरा, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जुड़े रहने की अपील की.
ग्राम सभा मजबूत होगी, तभी होगा गांव का समग्र विकास : सुखदेव उरांव
मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव ने अपने संबोधन में कहा कि पारंपरिक व्यवस्था ही गांव की पहचान और सम्मान है. जब तक पारंपरिक व्यवस्था को मजबूत नहीं किया जाएगा, तब तक गांव का समग्र विकास संभव नहीं है. उन्होंने ग्रामीणों से आपसी मतभेद भुलाकर समन्वय और सहयोग के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की अपील की.
उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा करना सभी का प्रथम कर्तव्य है. सरकारी योजनाओं का लाभ तभी प्रभावी ढंग से मिल सकेगा, जब ग्राम सभा मजबूत होगी और ग्रामीण अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगे.
पेसा कानून और ग्राम सभा के अधिकारों पर चर्चा
जिला राजी पड़हा समिति के पदाधिकारियों ने पेसा कानून, वन अधिकार अधिनियम तथा ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. संबंधित कानूनों के प्रावधानों के अनुरूप ग्राम सभा की सहमति और सहभागिता सुनिश्चित करना आवश्यक है. ग्रामीणों से अपने अधिकारों को समझने और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को सशक्त बनाने का आह्वान किया गया.
नशामुक्त समाज बनाने का लिया संकल्प
इस अवसर पर जिला राजी पड़हा समिति के अध्यक्ष एवं सचिव सहित प्रखंड स्तरीय पड़हा पदाधिकारी, महुवारी गांव के पड़हा राजा, पाहन, पुजार, महतो, कोटवार और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने गांव में अमन-चैन, आपसी प्रेम और भाईचारा बनाए रखने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लिया. सभा में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने और सामाजिक एकता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया.

