कांड्रा: पिंड्राबेड़ा स्थित सिंधु-कान्हू खेल गांव में आजाद क्लब पिंड्राबेड़ा की ओर से आयोजित 54वां दो दिवसीय फुटबॉल महाकुंभ 2026 रविवार को उत्साह और खेल भावना के साथ संपन्न हो गया. प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए जूनियर फाइटर की टीम ने प्रथम पुरस्कार पर कब्जा जमाया. विजेता टीम को 1 लाख 20 हजार रुपये नकद और ट्रॉफी प्रदान की गई.


समापन समारोह में सिंहभूम की सांसद जोबा माझी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं. वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के एवं डॉ. राजू माझी, शिक्षाविद सह झामुमो नेता कालीपद सोरेन, रापचा पंचायत की मुखिया सुकमति मार्डी, गम्हरिया प्रखंड अध्यक्ष भोमरा टुडू और उपाध्यक्ष राम महतो सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का बेहतर मंच है फुटबॉल : जोबा माझी
इस अवसर पर सांसद जोबा माझी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि फुटबॉल झारखंड की पहचान और यहां की संस्कृति से जुड़ा लोकप्रिय खेल है. ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं. खेल युवाओं में अनुशासन, टीम भावना, आपसी सहयोग और संघर्ष करने की क्षमता विकसित करता है. खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ निरंतर मेहनत करनी चाहिए, ताकि वे अपने क्षेत्र और राज्य का नाम रोशन कर सकें.
उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के खेल आयोजनों से युवाओं को सकारात्मक दिशा मिलती है और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को मजबूती मिलती है.
नशे से दूर रहें खिलाड़ी, स्वस्थ शरीर से ही मिलेगी सफलता : कृष्णा बास्के
झामुमो के केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए नशे से दूर रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ और मानसिक रूप से मजबूत रहना बेहद जरूरी है. नशे की आदत शरीर को कमजोर करती है और खिलाड़ियों की एकाग्रता, सहनशक्ति तथा प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है. इसलिए युवाओं को नशे से दूर रहकर खेल और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि फुटबॉल जैसे खेलों के माध्यम से युवा अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं और बेहतर भविष्य बना सकते हैं. खिलाड़ियों को अनुशासन, नियमित अभ्यास और स्वस्थ जीवनशैली अपनाते हुए आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण स्तर पर इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
विजेता और उपविजेता टीमों को किया गया पुरस्कृत
प्रतियोगिता में जूनियर फाइटर की टीम ने प्रथम स्थान हासिल कर 1 लाख 20 हजार रुपये नकद और ट्रॉफी अपने नाम की. टीजीकेबी एफसी की टीम दूसरे स्थान पर रही, जिसे 80 हजार रुपये नकद और ट्रॉफी प्रदान की गई. सीपीएफ बाना की टीम तीसरे स्थान पर रही और उसे 50 हजार रुपये दिए गए. वहीं, संथाल परगना की टीम चौथे स्थान पर रही, जिसे भी 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई.
इसके अलावा प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को यूनिक स्पोर्ट्स वियर कांड्रा एवं आयोजन समिति की ओर से विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया.
आजाद क्लब ने सफल आयोजन में निभाई अहम भूमिका
टूर्नामेंट को सफल बनाने में आजाद क्लब के अध्यक्ष पवन चंद्र हांसदा, उपाध्यक्ष गोरखा हेंब्रम, सचिव सुजान हांसदा, कोषाध्यक्ष शिवचरण हांसदा एवं क्लब के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. प्रतियोगिता के दौरान रेफरियों ने निष्पक्ष निर्णय लेकर टूर्नामेंट को सुचारू रूप से संपन्न कराने में अहम योगदान दिया.
वहीं, पूरे टूर्नामेंट का संचालन एवं उद्घोषणा सिकंदर सोरेन, संतोष टुडू सहित अन्य लोगों ने किया. दो दिवसीय फुटबॉल महाकुंभ में खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन और दर्शकों के उत्साह ने आयोजन को यादगार बना दिया.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

