कांड्रा: सरायकेला-खरसावां जिले के कांड्रा स्थित अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड में श्रमिकों की विभिन्न मांगों को लेकर विवाद गहराने के संकेत मिल रहे हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कंपनी के विस्थापित एवं प्रभावित श्रमिक सहयोग समिति ने कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ आवाज बुलंद की है. समिति की ओर से 29 अक्टूबर 2026 को कंपनी के एचआर विभाग को चार सूत्री मांग पत्र सौंपा गया है. वहीं, 30 अक्टूबर को पुनः पत्र देकर 15 दिनों के भीतर वार्ता के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई है.


प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, श्रमिकों की प्रमुख मांगों में पिछले 10 वर्षों से लंबित ग्रेड रिवीजन, एक्सग्रेशिया की व्यवस्था समाप्त कर प्रत्येक वित्तीय वर्ष में दुर्गापूजा से पूर्व बोनस भुगतान सुनिश्चित करना शामिल है. इसके अलावा बढ़ती महंगाई को देखते हुए परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (VDA) लागू करने तथा प्रत्येक बिंदु पर तीन रुपये भत्ता निर्धारित करने की मांग की गई है.
श्रमिकों ने अतिरिक्त कार्य के बदले ओवरटाइम (OT) का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई है. समिति का कहना है कि कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और उनकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन को इन मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.
15 दिनों का दिया गया अल्टीमेटम
समिति की ओर से 30 अक्टूबर को भेजे गए पत्र में प्रबंधन से अनुरोध किया गया है कि 15 दिनों के अंदर समिति के साथ वार्ता कर मांगों का समाधान किया जाए. पत्र में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय सीमा में सकारात्मक पहल नहीं होने पर समिति आंदोलनात्मक कार्रवाई करने के लिए विवश होगी.
प्रशासन के हस्तक्षेप की उठी मांग
इस पूरे मामले को लेकर अब जिला प्रशासन और श्रम विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. श्रमिकों की लंबित मांगों और प्रबंधन के साथ संभावित टकराव को देखते हुए प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने, दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराने तथा श्रमिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठ रही है.
स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि श्रमिकों की मांगें लंबे समय से लंबित हैं, तो उनका समाधान अब तक क्यों नहीं हो पाया. फिलहाल सभी की निगाहें कंपनी प्रबंधन के रुख और प्रशासन की पहल पर टिकी हैं.

