जामताड़ा: करमाटांड़ थाना क्षेत्र के केंदुवाटांड़ गांव निवासी 22 वर्षीय जमरुद्दीन अंसारी की पुणे में कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाने के बाद मौत हो गई. जमरुद्दीन पुणे के एक होटल में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था. शुक्रवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.


घटना की सूचना मिलते ही केंदुवाटांड़ गांव में मातम पसर गया. रविवार देर रात मृतक का शव गांव पहुंचा. शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
ग्रामीणों के अनुसार, जमरुद्दीन और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था. ग्रामीणों का यह भी दावा है कि घटना वाले दिन दोनों के बीच फोन पर विवाद हुआ था. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. ऐसे में युवक की मौत की वास्तविक वजह को लेकर गांव में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.
अंतिम दर्शन को ससुराल पक्ष से किसी के नहीं पहुंचने का दावा.
शव गांव पहुंचने के बाद कुछ ग्रामीणों ने दावा किया कि मृतक की पत्नी के ससुराल पक्ष से कोई भी व्यक्ति अंतिम दर्शन के लिए नहीं पहुंचा. इसको लेकर भी ग्रामीणों के बीच चर्चा शुरू हो गई. ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि जमरुद्दीन की मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके.
बताया गया कि जमरुद्दीन अपने परिवार का इकलौता बेटा था. उसकी छह बहनें हैं. इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. परिजनों के मुताबिक, जमरुद्दीन परिवार की जिम्मेदारियों को संभालने के लिए पुणे में रहकर मजदूरी करता था.
घटना की जानकारी मिलने के बाद तनवीर आलम, प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस झारखंड सह जिला परिषद प्रत्याशी, भाग संख्या 4, पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया.
ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने और युवक की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट करने की मांग की है. साथ ही पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए प्रशासन से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी अपील की गई है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

