जामताड़ा: प्रखंड अंतर्गत सुपायडीह पंचायत के पाकडीह, फागुडीह, सुपायडीह, बंदाजोरी समेत विभिन्न बूथों पर शनिवार को एसआईआर को लेकर विशेष कैंप लगाया गया. कैंप में नोटिस प्राप्त करने वाले बड़ी संख्या में मतदाता अपने आवश्यक दस्तावेज लेकर पहुंचे और संबंधित कर्मियों के समक्ष कागजात जमा किए. इस दौरान बूथों पर मतदाताओं की आवाजाही बनी रही. हालांकि, कैंप में पहुंचे कई मतदाताओं ने नोटिस मिलने और दस्तावेज जमा करने के बीच कम समय मिलने को लेकर परेशानी जतायी. मतदाताओं का कहना था कि उन्हें नोटिस महज दो दिन पहले मिला है और इतने कम समय में आवश्यक दस्तावेज जुटाकर जमा करना मुश्किल हो रहा है. कई लोगों ने बताया कि कुछ जरूरी कागजात घर से बाहर या दूसरे स्थान पर हैं, जबकि कुछ दस्तावेज निकालने में समय लगता है.


दो दिन में दस्तावेज जुटाना मुश्किल
कैंप में पहुंचे मतदाताओं ने कहा कि एसआईआर जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया के लिए यदि नोटिस पहले उपलब्ध कराया जाता और दस्तावेज जुटाने के लिए पर्याप्त समय मिलता, तो वे आसानी से सभी कागजात उपलब्ध करा सकते थे. कम समय मिलने के कारण कुछ लोग शनिवार को भी आवश्यक दस्तावेज नहीं जुटा सके. इसे लेकर कई मतदाताओं में निराशा देखी गयी. कैंप शुरू होने के बाद विभिन्न बूथों पर लोगों की भीड़ बढ़ गयी. अपने नोटिस के अनुसार दस्तावेज जमा करने के लिए लोग कतार में पहुंचे. संबंधित बूथ कर्मियों ने मतदाताओं से दस्तावेज प्राप्त किए और प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग किया. कई मतदाताओं ने मौके पर मौजूद कर्मियों से एसआईआर से जुड़ी प्रक्रिया और आवश्यक कागजात को लेकर जानकारी भी ली.
अंचल अधिकारी ने लिया व्यवस्था का जायजा
अंचल अधिकारी अबिश्वर मुर्मू ने पंचायत के विभिन्न बूथों पर पहुंचकर कैंप की व्यवस्था और दस्तावेज जमा कराने की प्रक्रिया का जायजा लिया. उन्होंने मौके पर मौजूद कर्मियों से जानकारी ली तथा मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसे लेकर आवश्यक निर्देश दिए.
वहीं, सुपायडीह पंचायत की मुखिया स्टेनशीला हेमब्रम ने भी विभिन्न बूथों का निरीक्षण किया. उन्होंने मतदाताओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली. इस दौरान कई मतदाताओं ने कम समय में दस्तावेज उपलब्ध कराने में हो रही परेशानी से उन्हें अवगत कराया. कैंप के दौरान एक ओर जहां बड़ी संख्या में मतदाताओं ने एसआईआर से संबंधित दस्तावेज जमा किए, वहीं कम समय में कागजात उपलब्ध कराने की समस्या भी प्रमुख रूप से सामने आयी. मतदाताओं का कहना है कि प्रक्रिया के तहत उन्हें जरूरी दस्तावेज जुटाने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए, ताकि दस्तावेज उपलब्ध कराने में होने वाली परेशानी के कारण कोई योग्य मतदाता प्रभावित न हो.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

