आदित्यपुर: धोखाधड़ी और खुद पर गोली चलवाकर सनसनी फैलाने के मामले में जेल जा चुके बिल्डर संजय कुमार मोहंती एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. इस बार उन पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर अपनी हाउसिंग सोसायटी प्रियदर्शनी होम्स का मुख्य गेट और कार्यालय बनाने का आरोप प्रशासनिक जांच में सही पाए जाने के बाद अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीओ), सरायकेला ने अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया है.



मामला गम्हरिया अंचल के मौजा आसंगी, थाना संख्या-131, खाता संख्या-343, खेसरा संख्या-488, रकवा-38 डी (बुलान भूमि) से जुड़ा है. शिकायतकर्ता संजय प्रधान की शिकायत पर झारखंड लोक भूमि अतिक्रमण (JPLE) के तहत वाद दर्ज किया गया था. जांच के दौरान अंचल कार्यालय द्वारा कराई गई मापी में सरकारी बुलान भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि होने की बात आदेश में दर्ज है.

विवादित स्थल
इसके बाद अनुमंडल दंडाधिकारी के न्यायालय में लंबित विविध वाद संख्या-105/ 2025 में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-152 के तहत आदेश पारित करते हुए पुलिस बल की उपस्थिति में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया गया है.
सरकारी भूमि को सोसायटी के प्रवेश मार्ग के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप
जांच रिपोर्ट के अनुसार सरकारी बुलान भूमि को घेरकर उसे प्रियदर्शनी होम्स के मुख्य प्रवेश मार्ग और कार्यालय परिसर का हिस्सा बना दिया गया था. स्थानीय रैयतदार अर्जुन प्रधान का आरोप है कि सरकारी रास्ते पर गेट लगाकर आम लोगों और उनके परिवार के आवागमन में बाधा उत्पन्न की जा रही थी. विरोध करने पर गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है.
पहले भी सुर्खियों में रहा है बिल्डर
संजय मोहंती इससे पहले वर्ष 2020 में उस समय चर्चा में आए थे, जब आदित्यपुर थाना क्षेत्र के मंगलम सिटी के समीप अपनी ही स्कॉर्पियो पर गोली चलवाने के मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था. तत्कालीन एसडीपीओ राकेश रंजन के नेतृत्व में हुई जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में संजय मोहंती समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. पुलिस के अनुसार उस मामले में दूसरों को फंसाने की साजिश रचे जाने का आरोप था.
फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी से जमीन बेचने का भी आरोप
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि संजय मोहंती ने अर्जुन प्रधान और संजय प्रधान की जमीन से संबंधित फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार कर जमीन की खरीद-बिक्री की. आरोप यह भी है कि सरकारी भूमि को भी निजी संपत्ति बताकर बेचा गया और लोगों को कब्जा दिलाया गया. इन आरोपों को लेकर पूर्व में भी विवाद और कानूनी कार्रवाई होती रही है.

अब प्रशासनिक कार्रवाई तेज
एसडीओ के आदेश के बाद सरकारी भूमि पर बने प्रियदर्शनी होम्स के मुख्य गेट और कार्यालय को हटाने की प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है. प्रशासनिक आदेश के बाद एक बार फिर बिल्डर संजय मोहंती की कार्यशैली और जमीन से जुड़े विवाद चर्चा में आ गए हैं.
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