जामताड़ा: झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर (डालटनगंज) स्थित बैरिया गोदाम में खाद्यान्न की भारी कमी का मामला सामने आने के बाद फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन, झारखंड प्रदेश ने इसकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. एसोसिएशन ने गोदाम में 13,095.247 क्विंटल खाद्यान्न की कमी और इसके एवज में 5,23,80,988 रुपये की वसूली के आधिकारिक आदेश का हवाला देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है.


एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मोहन प्रसाद भैया और प्रदेश मीडिया प्रभारी देव कुमार साव ने संयुक्त रूप से बताया कि इस संबंध में पत्रांक FPSDA-22 के माध्यम से झारखंड सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव को ज्ञापन सौंपा गया है. ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार का ध्यान सरकारी खाद्यान्न की कमी और वसूली से जुड़े गंभीर मामले की ओर आकृष्ट कराया गया है.
11,544 क्विंटल चावल और 1,550 क्विंटल गेहूं की कमी
एसोसिएशन की ओर से दिए गए ज्ञापन के अनुसार, बैरिया गोदाम में कुल 13,095.247 क्विंटल खाद्यान्न की कमी का उल्लेख किया गया है. इसमें 11,544.947 क्विंटल चावल और 1,550.300 क्विंटल गेहूं शामिल हैं. इस कथित कमी के एवज में 5,23,80,988 रुपये की वसूली के आधिकारिक आदेश का भी ज्ञापन में जिक्र किया गया है.
ज्ञापन के मुताबिक, झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड, पलामू के जिला प्रबंधक की ओर से 25 मई 2026 को जारी पत्र में खाद्यान्न की कमी का उल्लेख किया गया था. हालांकि, एसोसिएशन ने वसूली के आदेश के अनुपालन और इसके बाद की गई कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाई है.
सरकारी खाद्यान्न की जवाबदेही पर उठाए सवाल
एसोसिएशन ने कहा कि यह मामला केवल गोदाम में खाद्यान्न की कमी तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी अनाज की सुरक्षा, भंडारण व्यवस्था, जवाबदेही और जनवितरण प्रणाली के माध्यम से लाभुकों तक समय पर राशन पहुंचाने से भी जुड़ा है. इतनी बड़ी मात्रा में खाद्यान्न की कमी सामने आने के बाद पूरे मामले की पारदर्शी जांच जरूरी है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके.
एसोसिएशन ने मांग की है कि बैरिया गोदाम में खाद्यान्न की कमी की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए. साथ ही, 5.23 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के आदेश पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए. मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
मुख्यमंत्री और खाद्य आपूर्ति मंत्री से हस्तक्षेप की मांग
फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन ने राज्य के खाद्य आपूर्ति विभाग, खाद्य आपूर्ति मंत्री और मुख्यमंत्री से मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है. एसोसिएशन का कहना है कि सरकारी खाद्यान्न से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि अनियमितताओं पर रोक लगे और जनवितरण प्रणाली के प्रति आम लाभुकों का विश्वास बना रहे.
रिपोर्ट: मनीष बरनवाल

