जामताड़ा: जिले के नाला प्रखंड में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. मनरेगा में कथित फर्जी निकासी के मामले के बाद अब प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि गलत खाते में भेजे जाने का मामला सामने आया है. हैरत की बात यह है कि शिकायत के बावजूद कई दिन बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार को राहत नहीं मिल सकी है.


मामला नाला प्रखंड की कास्ता पंचायत के परिहारपुर गांव का है. यहां के निवासी कालू मंडल को वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ स्वीकृत हुआ था. योजना के तहत मिलने वाली पहली किस्त 40 हजार रुपये उनके खाते में आने के बजाय गांव के ही एक अन्य व्यक्ति दयाल मंडल के खाते में चली गई.
पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें इस गड़बड़ी की जानकारी तब हुई जब प्रखंड कार्यालय से एक पत्र प्राप्त हुआ. पत्र में बताया गया था कि उनके खाते में आवास योजना की राशि भेजी जा चुकी है और निर्माण कार्य पूरा नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी. इसके बाद परिवार ने प्रखंड कार्यालय पहुंचकर शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हुआ.
न्याय की उम्मीद में कालू मंडल और उनकी पत्नी कल्याणी मंडल ने 2 जून को जिला मुख्यालय में आयोजित जनता दरबार में भी आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से परिवार निराश है.
प्रखंड विकास पदाधिकारी आकांक्षा कुमारी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है. उनके अनुसार, जिस व्यक्ति के खाते में राशि गई है, वह फिलहाल बाहर काम करने गया हुआ है. उससे संपर्क किया गया है और उसने घर लौटने के बाद राशि वापस करने का आश्वासन दिया है.
इस पूरे मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी योजना की राशि लाभुक के खाते में जाने के बजाय दूसरे व्यक्ति के खाते में कैसे पहुंच गई. यदि प्रशासन को संबंधित व्यक्ति की जानकारी है, तो अब तक उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई.
पीड़िता कल्याणी मंडल ने बताया कि उनके दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 13 और 9 वर्ष है तथा दोनों दिव्यांग हैं. परिवार पहले से आर्थिक संकट से जूझ रहा है. ऐसे में आवास योजना की राशि में हुई गड़बड़ी और कार्रवाई में देरी ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए बनाई गई व्यवस्था में यदि इस तरह की गड़बड़ियां सामने आती रहेंगी, तो गरीबों का भरोसा कमजोर होगा. अब पीड़ित परिवार प्रशासन से जल्द न्याय, आवास योजना की राशि की वापसी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है.मेटा डिस्क्रिप्शन:
जामताड़ा के नाला प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना की 40 हजार रुपये की पहली किस्त लाभुक के बजाय दूसरे व्यक्ति के खाते में पहुंच गई. शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परिवार परेशान है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

