गांधी मैदान में उमड़ रही भीड़, बच्चों से लेकर महिलाओं तक के लिए आकर्षण का केंद्र बने मनोरंजन के इंतजाम


जामताड़ा: शहर के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित दस दिवसीय गणपति उत्सव इन दिनों शहरवासियों के लिए मनोरंजन और उल्लास का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. गणेश पूजा के साथ सजे मेले में धार्मिक आस्था के साथ मनोरंजन और खरीदारी का भी खास इंतजाम किया गया है. शाम ढलते ही गांधी मैदान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठता है और मेले में शहर के साथ आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. गणपति उत्सव में ‘भूत बंगला’ बच्चों और महिलाओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. भूत बंगले के अंदर प्रवेश करते ही रहस्यमयी माहौल और डरावने दृश्यों का रोमांच लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है. बच्चे जहां रोमांच और कौतूहल के साथ भूत बंगले का अनुभव लेने पहुंच रहे हैं, वहीं महिलाएं और युवा भी इसे लेकर खासा उत्साहित नजर आ रहे हैं. कई लोग भूत बंगले से बाहर निकलने के बाद अपने अनुभव एक-दूसरे से साझा करते और तस्वीरें खिंचवाते दिखाई दे रहे हैं.
मीनाबाजार में खरीदारी को लेकर उत्साह

मेले में लगा मीनाबाजार भी लोगों के आकर्षण का बड़ा केंद्र बना हुआ है. यहां घरेलू उपयोग की वस्तुओं से लेकर सजावटी सामान, खिलौने, महिलाओं के लिए श्रृंगार सामग्री, चूड़ियां, बच्चों के खिलौने और विभिन्न प्रकार की उपयोगी वस्तुओं की दुकानें सजी हैं. महिलाएं और युवतियां विशेष रूप से दुकानों पर खरीदारी करती नजर आ रही हैं. वहीं बच्चों के लिए खिलौनों और मनोरंजन से जुड़ी दुकानों पर भी भीड़ देखी जा रही है. अभिभावक पूजा-अर्चना के बाद बच्चों को मेला घुमाने और उनकी पसंद की चीजें दिलाने पहुंच रहे हैं.
शाम होते ही बढ़ जाती है भीड़
दिन की अपेक्षा शाम के समय गांधी मैदान में मेले की रौनक और बढ़ जाती है. रोशनी से सजे पूजा पंडाल और मेला परिसर लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. परिवार के साथ पहुंचे लोग पूजा-अर्चना के बाद मेले में घूमने, खरीदारी करने और मनोरंजन के विभिन्न साधनों का आनंद लेते हैं. गणपति उत्सव के कारण गांधी मैदान इन दिनों आस्था, मनोरंजन और बाजार का संगम बन गया है. बच्चों के लिए भूत बंगला, महिलाओं के लिए मीनाबाजार और परिवारों के लिए मेले की चहल-पहल उत्सव को खास बना रही है. देर शाम तक मेले में लोगों की आवाजाही बनी रहने से गांधी मैदान का पूरा इलाका उत्सवी माहौल में डूबा नजर आ रहा है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

