जामताड़ा: डीएन हाई स्कूल में दीपावली की पूर्व संध्या पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया. विद्यालय परिसर में दीपों की रोशनी, रंग-बिरंगी रंगोलियों और देशभक्ति के नारों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया. कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘एक दीया देश के नाम’ रहा, जिसके तहत शिक्षकों और अभिभावकों ने लगभग 500 दीप प्रज्वलित कर देश की सीमाओं पर तैनात वीर सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की.


रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
कार्यक्रम के तहत आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में कक्षा 10 ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. इस कक्षा के गणेश मरांडी, सुजीत मुर्मू और ओंकार यादव को पुरस्कृत किया गया. कक्षा 9 की रंगोली को दूसरा स्थान मिला. इसमें प्रेम दत्ता, लक्ष्मण मंडल, राजीव हेम्ब्रम और तनिशी ओझा सहित अन्य विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया.

तीसरे स्थान पर कक्षा 5 की छात्राएं उमा कुमारी और किरण कुमारी रहीं. उनकी कलात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया. वहीं कक्षा 8 की रंगोली को भी विशेष स्थान मिला. इस कक्षा के अंकुश चौधरी, रंजीत कुमार यादव, वर्षा कुमारी, सुमन कुमार यादव और निमिषा कुमारी को सम्मानित किया गया. कक्षा 7 की लक्ष्मी कुमारी, दिव्या कुमारी, मुनिका मरांडी और आर्या कुमारी को भी पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया.
रामायण मंचन और छठ गीतों ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा
सांस्कृतिक कार्यक्रम में कक्षा 8 के विद्यार्थियों ने नशामुक्ति पर आधारित प्रभावशाली एकांकी प्रस्तुत कर समाज को जागरूकता का संदेश दिया. वहीं नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का शानदार मंचन किया. राम, सीता, लक्ष्मण, रावण और सैनिकों की वेशभूषा में सजे बच्चों ने अपने अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया. सीता हरण और राम, सीता एवं लक्ष्मण के वनवास से जुड़े प्रसंगों ने उपस्थित शिक्षकों और अभिभावकों को भावविभोर कर दिया.

कक्षा 9 के छात्र-छात्राओं ने मधुर छठ गीतों की प्रस्तुति देकर लोक संस्कृति की छटा बिखेरी. वहीं कक्षा 10 के विद्यार्थियों ने ‘सजा दो घर को दुल्हन सा’ गीत के माध्यम से भगवान श्रीराम की वनवास से वापसी और अयोध्या में उनके स्वागत का मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया.
देशभक्ति कविताओं से गूंजा विद्यालय परिसर
कार्यक्रम में वाचिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ऋषभ राज और कार्तिक कुमार ने हरिओम पवार एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं का सस्वर पाठ किया. उनकी ओजपूर्ण प्रस्तुतियों ने दीपावली के उत्सव में देशभक्ति का रंग भर दिया.
इसके बाद ‘एक दीया देश के नाम’ कार्यक्रम के तहत शिक्षकों और अभिभावकों ने सामूहिक रूप से करीब 500 दीप जलाए. इस दौरान भारत माता की जय के नारों से पूरा विद्यालय परिसर गूंज उठा. दीप प्रज्वलन के माध्यम से देश की रक्षा में तैनात सैनिकों के प्रति सम्मान, समर्पण और आभार प्रकट किया गया.
ज्ञान का दीप जलाना ही दीपावली की सार्थकता : प्रदीप कुमार भैया
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के निदेशक प्रदीप कुमार भैया ने कहा कि दीपावली केवल बाहरी रोशनी का पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने अंतर्मन को प्रकाशित करने का भी अवसर है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को इस त्योहार पर अपने भीतर ज्ञान का दीप जलाने का संकल्प लेना चाहिए. जब हमारा अंतर्मन ज्ञान के प्रकाश से प्रकाशित होगा, तभी दीपावली मनाने की वास्तविक सार्थकता सिद्ध होगी.
इस अवसर पर अभिभावकों के लिए भी विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन वसुंधरा कुमारी ने किया.
आयोजन को सफल बनाने में जितेन कुमार पाल, सूरज विश्वास, सुनीता मरांडी, चांदनी सेन, मामोनी दे, राजू दास, रूमपा दे, यमुना राय, दयमंती कुमारी, निकी सिंह और लक्ष्मी भट्टाचार्जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा. मौके पर विद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित थे.
रिपोर्ट: मनीष वर्णवाल

