जामताड़ा: दूसरों की जिंदगी बचाने वाले 108 एंबुलेंस कर्मी आज खुद आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. साढ़े तीन माह से मानदेय नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए सोमवार को झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मियों ने भिक्षाटन कर विरोध प्रदर्शन किया. जिला अध्यक्ष सुरेश रवानी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित किया.


संघ के जिला अध्यक्ष सुरेश रवानी ने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाले कर्मचारी मानदेय के अभाव में परिवार का भरण-पोषण तक नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने बकाया भुगतान के साथ 108 एंबुलेंस सेवा का सरकारी स्तर पर संचालन, हटाए गए कर्मचारियों की पुनर्बहाली तथा ईपीएफ, ईएसआईसी, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी और न्यूनतम वेतन सहित वैधानिक सुविधाएं देने की मांग की.
13 में से महज नौ एंबुलेंस चालू
सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि सम्मान फाउंडेशन के माध्यम से एंबुलेंस कर्मियों का भुगतान होता है. पिछले महीने पत्राचार के बाद एक माह का भुगतान कराया गया था. अब कर्मियों ने तीन माह का मानदेय बकाया होने की जानकारी दी है. इसके समाधान के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा.
उन्होंने बताया कि जिले में कुल 13 एंबुलेंस हैं, जिनमें नौ कार्यरत हैं. दो मरम्मत के लिए भेजी गई हैं, जबकि दो अत्यधिक जर्जर होने के कारण सेवा से बाहर हैं.
प्रदर्शन में संघ के कोषाध्यक्ष राजीव पंडित, प्रदीप मंडल, पुरानजॉय गोराई, कृष्णा मंडल, राम पंडित, रमेश मंडल, इंद्रजीत पंडित, रोबिन पंडित, रंजीत पंडित, तपन पंडित, बनमाली पंडित और मनोज पंडित समेत कई कर्मचारी शामिल हुए.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

