जमशेदपुर: आजादनगर थाना क्षेत्र के ओल्ड पुरुलिया रोड नंबर-1 के समीप करीब तीन महीने पहले आग लगने से क्षतिग्रस्त हुई टाटा मोटर्स की कर्मचारी बस अब भी सड़क किनारे खड़ी है. आग लगने के बाद बस पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गई थी. इसके बावजूद अब तक उसे सड़क किनारे से हटाया नहीं गया है. लंबे समय से सड़क किनारे खड़ी जली हुई बस स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए परेशानी के साथ संभावित दुर्घटना का कारण बनी हुई है.


बताया जाता है कि करीब तीन महीने पहले रात के समय बस सड़क किनारे खड़ी थी. इसी दौरान अचानक उसमें आग लग गई. देखते ही देखते आग ने बस को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया. आग इतनी भीषण थी कि बस का अधिकांश हिस्सा जलकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. घटना के बाद उम्मीद थी कि क्षतिग्रस्त बस को मौके से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाएगा, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी बस उसी स्थान पर खड़ी है.
स्थानीय लोगों के अनुसार ओल्ड पुरुलिया रोड नंबर-1 काफी व्यस्त सड़क है. यहां दिनभर छोटी-बड़ी गाड़ियों के साथ पैदल राहगीरों की भी आवाजाही होती रहती है. ऐसे में सड़क के किनारे जली हुई बस का लंबे समय तक खड़ा रहना वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है. खासकर रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने पर बस दिखाई नहीं देने की स्थिति में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई तेज रफ्तार वाहन जली हुई बस से टकराता है, तो बड़ा हादसा हो सकता है. इसके अलावा लंबे समय से बस के पड़े रहने के कारण आसपास गंदगी और असुरक्षा का माहौल भी बना हुआ है.
लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर तीन महीने बीत जाने के बाद भी जली हुई बस को हटाने की पहल क्यों नहीं की गई. सार्वजनिक सड़क के किनारे एक क्षतिग्रस्त वाहन का महीनों तक पड़े रहना संबंधित विभाग और बस प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा करता है.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन, पुलिस और संबंधित बस प्रबंधन से मामले का संज्ञान लेते हुए जली हुई कर्मचारी बस को तत्काल सड़क किनारे से हटाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को समय रहते संभावित खतरे को दूर करना चाहिए.
स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे लंबे समय तक खराब या जले हुए वाहनों को खड़ा रखने वालों के खिलाफ भी उचित कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि सड़क आम लोगों के आवागमन के लिए है और वहां महीनों तक जली हुई बस का पड़े रहना उचित नहीं है.
फिलहाल करीब तीन महीने से सड़क किनारे खड़ी यह जली हुई कर्मचारी बस संभावित दुर्घटना को लेकर चिंता बढ़ा रही है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई करता है और बस को सड़क किनारे से हटाया जाता है.
रिपोर्ट: अफरोज मलिक

