जमशेदपुर: मानगो के संकोसाई इलाके में शुक्रवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्वर्णरेखा नदी से सटे चार मकानों को जमींदोज कर दिया. प्रशासन की ओर से बताया गया कि नदी क्षेत्र से सटे इन मकानों के संबंध में पूर्व में नोटिस जारी किया जा चुका था. इसके बाद शुक्रवार को प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और बुलडोजर चलाकर चारों मकानों को ध्वस्त कर दिया. कार्रवाई के दौरान इलाके में कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बनी रही. प्रशासनिक टीम के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो.


नोटिस के बाद हुई कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार, कुंवर बस्ती में स्वर्णरेखा नदी से सटे जिन मकानों पर कार्रवाई की गई, उन्हें पूर्व में नोटिस दिया गया था. नोटिस के बाद भी निर्माण हटाए नहीं जाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई. कार्रवाई के दौरान जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मकानों को तोड़ा गया. देखते ही देखते लोगों के आशियाने मलबे में तब्दील हो गए.
स्थानीय लोगों में आक्रोश
प्रशासन की कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली. लोगों का कहना है कि वे कार्रवाई के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कार्रवाई में समानता होनी चाहिए.

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मानगो क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी और उसके आसपास कई स्थानों पर बड़े- बड़े भवन और व्यावसायिक प्रतिष्ठान कथित रूप से नदी क्षेत्र अथवा सरकारी जमीन का अतिक्रमण कर बनाए गए हैं. उनका सवाल है कि यदि नदी और सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना ही प्रशासन का उद्देश्य है तो फिर बड़े और प्रभावशाली लोगों के निर्माण पर भी उसी तरह कार्रवाई क्यों नहीं की जाती ?
लोगों का आरोप है कि प्रशासन गरीब परिवारों के मकानों पर बुलडोजर चला रहा है, जबकि कई बड़े निर्माण लंबे समय से मौजूद हैं. स्थानीय लोगों ने इसे भेदभावपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई बताते हुए विरोध जताया.
लोगों का सवाल- कार्रवाई सब पर हो
स्थानीय लोगों ने कहा कि नदी को अतिक्रमण से मुक्त कराना जरूरी है और यदि किसी ने नियमों का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन कार्रवाई किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति देखकर नहीं होनी चाहिए.
उनका कहना है कि प्रशासन को पहले पूरे मानगो क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी से जुड़े अतिक्रमण की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए. जहां भी सरकारी जमीन या नदी क्षेत्र पर अवैध निर्माण पाया जाए, वहां समान रूप से कार्रवाई की जानी चाहिए.
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि जिन परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उनके सामने अब रहने की समस्या उत्पन्न हो गई है. प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार करना चाहिए.
कार्रवाई के बाद बढ़ी बहस
कुंवर बस्ती में चार मकानों पर हुई कार्रवाई के बाद मानगो में नदी क्षेत्र के अतिक्रमण को लेकर बहस तेज हो गई है. एक ओर प्रशासन का कहना है कि नदी क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त रखना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोग कार्रवाई की निष्पक्षता और समानता पर सवाल उठा रहे हैं.
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन स्वर्णरेखा नदी से सटे अन्य इलाकों में भी अतिक्रमण की जांच और कार्रवाई करता है या शुक्रवार की कार्रवाई चार मकानों तक ही सीमित रहती है. फिलहाल कुंवर बस्ती में चार परिवारों के आशियाने उजड़ने के बाद इलाके में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी बनी हुई है.

