गिरिडीह: फर्जी GST अधिकारियों के नाम पर की गई बड़ी लूट अब संगठित गिरोह की ओर इशारा कर रही है. ‘जीएसटी छापे’ के बहाने स्वर्ण कारीगर से 20 से 25 लाख रुपये के आभूषण लूटने वाले अपराधियों का नेटवर्क कई जिलों और राज्यों तक फैला होने की आशंका जताई जा रही है.


मामला धनवार थाना क्षेत्र का है, जहां कारीगर हरिहर साव के घर पर खुद को GST अधिकारी बताकर ठग पहुंचे. कागजात जांच के नाम पर दबाव बनाया गया और फिर आभूषण जब्त करने का नाटक कर सबकुछ लेकर फरार हो गए. ठगों ने घटना को असली छापेमारी का रूप देने के लिए हरिहर साव को भी स्कॉर्पियो में बैठाकर अपने साथ ले लिया. घंटों तक कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजन धनवार थाना पहुंचे, जहां जांच में खुलासा हुआ कि असली GST टीम ने कोई कार्रवाई ही नहीं की थी.
एसपी डॉ बिमल कुमार के निर्देश पर थाना प्रभारी राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया. सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने हरिहर साव को देवघर स्थित एम्स के पास से सुरक्षित बरामद कर लिया. पूछताछ में कारीगर ने बताया कि ठग इतने पेशेवर अंदाज में आए थे कि उन्हें बिल्कुल शक नहीं हुआ. उन्होंने पूरी तरह से सरकारी टीम जैसा माहौल बनाया और उसी झांसे में वह फंस गए.
इस मामले में एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ है कि ठगी में शामिल एक युवक का हुलिया जमशेदपुर, गढ़वा, मुंगेर और हावड़ा में ज्वेलर्स के साथ हुई ठगी के मामलों से मेल खाता है. इससे आशंका जताई जा रही है कि इन सभी घटनाओं के पीछे एक ही संगठित गिरोह सक्रिय है. फिलहाल पुलिस गिरोह की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. यह घटना बताती है कि अपराधी अब सरकारी एजेंसियों का रूप धरकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, ऐसे में आम लोगों को सतर्क रहने और किसी भी कार्रवाई से पहले पहचान की पुष्टि करने की जरूरत है.



