
बोकारो: देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और बढ़ती बेरोजगारी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है. झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि बीते एक दशक में भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है.


उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2014 से 2024 के बीच देश में करीब 89 पेपर लीक के मामले सामने आए, जिनमें 48 परीक्षाओं को दोबारा आयोजित करना पड़ा. शाहदेव ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 में कड़े दंड के प्रावधान किए जाने के बावजूद पेपर लीक की घटनाएं रुक नहीं रही हैं, जिससे युवाओं का परीक्षा प्रणाली से भरोसा उठता जा रहा है.
कांग्रेस नेता ने नीट यूजी, यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती, सीटेट और यूजीसी नेट जैसी प्रमुख परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं से एक करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा कि बार-बार परीक्षा रद्द होने और पुनः आयोजित किए जाने से छात्रों का समय, मेहनत और आर्थिक संसाधन बर्बाद हो रहे हैं.
बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए शाहदेव ने कहा कि सबसे अधिक संकट उच्च शिक्षित युवाओं के सामने है. लाखों युवा डिग्री हासिल करने के बाद भी रोजगार के लिए भटक रहे हैं. रोजगार के अवसर सीमित हैं और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी के कारण युवाओं में निराशा और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है.
उन्होंने छात्र आत्महत्याओं के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव, अनिश्चित भविष्य और रोजगार की कमी युवाओं को मानसिक तनाव की ओर धकेल रही है. कांग्रेस नेता ने सरकार से परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करने की मांग की.
शाहदेव ने कहा कि देश का युवा आज जवाब चाहता है कि उसकी मेहनत और भविष्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की सबसे बड़ी समस्याओं पर गंभीरता से काम करने में विफल रही है.
रिपोर्ट: शुभम मिश्रा






