चांडिल: अनुमंडल के कुकड़ू प्रखंड के कूदा गांव में आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में घिर गई है. मंगलवार को आयोजित ग्रामसभा के दौरान ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए जमकर हंगामा किया.

जानकारी के अनुसार चयन प्रक्रिया में कुल 9 अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जिसमें अंक के आधार पर आलोमनी महतो का चयन किया गया. लेकिन चयन की घोषणा होते ही ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चयनित अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत एमए की मार्कशीट संदिग्ध है और बिना सत्यापन के चयन करना नियमों का उल्लंघन है.

ग्रामीणों का कहना है कि आंगनवाड़ी सेविका चयन में शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन, मेरिट सूची का पारदर्शी प्रकाशन और ग्रामसभा की सहमति अनिवार्य होती है, लेकिन इन नियमों की अनदेखी की गई है.
वहीं पूर्व में चयनित बालिका महतो के मामले को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. 6 जनवरी 2026 को ग्रामसभा द्वारा उनका चयन किया गया था, लेकिन समय पर दस्तावेज जिला कार्यालय नहीं भेजे जाने के कारण उनका चयन रद्द कर दिया गया.
बताया जा रहा है कि इस मामले में प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है. बालिका महतो ने डीएसडब्ल्यू से लेकर उपायुक्त तक शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. बीडीओ सह सीडीपीओ ने टुसू मेला की व्यस्तता का हवाला देते हुए देरी की बात स्वीकार की है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई है.
फिलहाल प्रशासन ने चयनित अभ्यर्थी के दस्तावेजों की जांच कराने की बात कही है, लेकिन लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों ने पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

