जमशेदपुर: शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने और सरकारी विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बेहतर बनाने की मांग को लेकर रविवार को बंगाल क्लब के कॉन्फ्रेंस हॉल में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की बैठक हुई. बैठक में शिक्षकों की समस्याओं पर चर्चा के साथ AITUC शिक्षक सेल का गठन किया गया.


शिक्षकों ने कहा कि उन्हें पढ़ाई के अलावा जनगणना, पशुगणना, चुनाव और SIR सहित कई सरकारी कार्यों में लगाया जाता है. इससे विद्यार्थियों को पर्याप्त समय नहीं मिल पाता और शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होती है. वक्ताओं का कहना था कि सरकारी विद्यालयों में योग्य शिक्षक होने के बावजूद अतिरिक्त जिम्मेदारियों के कारण वे पूरी क्षमता से शिक्षण कार्य नहीं कर पाते.
AITUC के उपाध्यक्ष धनंजय शुक्ला ने ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ की तर्ज पर ‘वन नेशन-वन एजुकेशन’ की वकालत की. उन्होंने कहा कि देश में समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था होनी चाहिए और शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाना चाहिए.
राज्य सचिव अंबुज कुमार ठाकुर ने दावा किया कि शिक्षकों से करीब 79 प्रकार के अतिरिक्त कार्य कराए जा रहे हैं. उन्होंने सरकारी विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और शिक्षकों को मुख्य रूप से शिक्षण कार्य पर केंद्रित रखने की मांग की.
बैठक में शिक्षक सेल का गठन करते हुए धनंजय शुक्ला एवं हीरा अरकने को संरक्षक, राय शशि भूषण शर्मा को अध्यक्ष, आलोक मिश्रा को सचिव और बालचंद्र प्रजापति को कोषाध्यक्ष बनाया गया.
बैठक में ‘वन नेशन-वन एजुकेशन’, शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने, विद्यालय भवनों के आधुनिकीकरण, स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति और अस्थायी शिक्षकों के लिए ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ लागू करने सहित कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए.
रिपोर्ट: अफ़रोज़ मल्लिक

