आदित्यपुर: टोल के सामने मंगलवार को एक बार फिर हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई. इस बार विवाद JH05EE- 8111 नंबर के वाहन को टोल से पार कराने को लेकर हुआ. आरोप है कि वाहन से जुड़े व्यक्ति ने पहले टोल गार्ड के साथ बदसलूकी की और बैरियर को धक्का दिया. बाद में टोल परिसर में लगा CCTV कैमरा तोड़कर अपने साथ ले गया. घटना के बाद टोल इंचार्ज ने आदित्यपुर थाना में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है.


बताया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति वाहन लेकर टोल पर पहुंचा था. आरोप है कि उसने गार्ड और बैरियर को धक्का देते हुए वाहन को बिना पर्ची कटाए पार कराने का प्रयास किया. इस दौरान गार्ड के साथ बदसलूकी भी की गई. टोल पर लगे CCTV कैमरों के जरिए गतिविधियों की निगरानी कर रहे कर्मचारियों की नजर जब घटनाक्रम पर पड़ी तो वे मौके पर पहुंचे.
टोल कर्मियों के अनुसार इसके बाद संबंधित व्यक्ति से बातचीत हुई और वाहन की पर्ची काटी गई. पर्ची कटने के बाद JH05EE- 8111 नंबर का वाहन आगे बढ़ाया गया. आरोप है कि इसी दौरान टोल परिसर में लगा एक CCTV कैमरा तोड़ दिया गया और उसे अपने साथ ले जाया गया.
थाने पहुंचा मामला, पुलिस ने शुरू की CCTV फुटेज की जांच
घटना के बाद टोल इंचार्ज की ओर से आदित्यपुर थाना में लिखित शिकायत दी गई. सूचना मिलने पर आदित्यपुर थाना की गश्ती टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया. पुलिस ने उपलब्ध CCTV फुटेज की जांच भी शुरू कर दी है. खबर लिखे जाने तक इस मामले में प्राथमिकी अथवा अन्य कानूनी कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी.
इस घटना के बाद टोल कर्मियों में नाराजगी है. उनका कहना है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार और परिसर में लगे निगरानी उपकरण को नुकसान पहुंचाना गंभीर मामला है. कर्मियों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है.
पहले भी विवादों में रहा है टोल, सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल
आदित्यपुर टोल पर विवाद की यह पहली घटना नहीं है. इससे पूर्व भी यहां टोल से गुजरने को लेकर विवाद और मारपीट की घटना सामने आ चुकी है. बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं के कारण यहां तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा और टोल परिसर की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.
ताजा मामले में भी CCTV कैमरा तोड़ने, उसे ले जाने और गार्ड के साथ बदसलूकी के आरोप शिकायतकर्ता पक्ष के हैं. पुलिस जांच के बाद ही घटनाक्रम और जिम्मेदारी की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल पुलिस के लिए CCTV फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है. जांच के बाद यह साफ होगा कि टोल पर वास्तव में क्या घटनाक्रम हुआ और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है.

