आदित्यपुर: नगर निगम क्षेत्र के वार्ड- 17 में समय कंस्ट्रक्शन की निर्माणाधीन सनराइज पॉइंट द्वारा रविन्द्र सिन्हा की 55 डिसमिल जमीन कब्जाने और नियमों को ताक पर रखकर नक्शा पास करने और नियम विरुद्ध डेवलपर को एक्सटेंशन देने के मामले में अब प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है. बुधवार देर शाम मूसलाधार बारिश के बीच अंचल अधिकारी विवादित स्थल पर पहुंचे और वस्तुस्थिति की जांच की. हालांकि इस दौरान डेवलपर नदारद रहे.

दरअसल यह मामला उपायुक्त के कोर्ट में चल रहा है, अपर उपायुक्त के आदेश के उपरांत बुधवार को प्रशासनिक टीम अंचलाधिकारी अरविंद कुमार बेदिया के नेतृत्व में निर्माणाधीन समय कंस्ट्रक्शन की साइट पर पहुंची. जांच के क्रम में पाया गया कि पूर्व में अनुमंडलाधिकारी के निर्देश पर हुए सीमांकन और चिन्हितीकरण की जमीन पर मिट्टी डंप कर दिया गया है. भूखंड पर पहुंचने के पूर्व अवस्थित सरकारी जमीन को घेरकर विवादित जमीन को डेवलपर ने अपने कब्जे में दिखाने का प्रयास किया हैं. बता दें कि यह मामला उपायुक्त के कोर्ट ने चल रहा है. बावजूद इसके समय कंस्ट्रक्शन द्वारा विवादित जमीन पर मिट्टी फिलिंग कर प्रशासनिक अधिकारियों को ठेंगा दिखाया जा रहा है. इस मामले में नगर निगम, डीसी एलआर और रजिस्ट्रार की भूमिका कटघरे में है. सूत्र बताते हैं कि नगर निगम के प्रशासक, डीसी एलआर और रजिस्ट्रार ने मिलकर डेवलपर के साथ बड़ी डील की है. इसके सारे प्रमाण हमारे पास उपलब्ध हैं. नगर निगम से आरके सिन्हा द्वारा किए गए शिकायत की फ़ाइल ही गायब कर दी गई है. जबकि रजिस्ट्री ऑफिस में मौजूद डीड के साथ छेड़छाड़ की बात सामने आ रही है. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि अंचल अधिकारी अपनी रिपोर्ट में क्या देते हैं. क्योंकि उनके पूर्व के रिपोर्ट के आधार पर साफ हो चुका है कि उक्त स्थल पर फर्जीवाड़ा हुआ है.

