आदित्यपुर: आरआईटी थाना क्षेत्र में 111 सेव लाइफ अस्पताल के संचालक डॉ. ओपी आनंद को गोली लगने का मामला चार दिन बाद नए मोड़ पर पहुंच गया है. सोमवार रात गोली चली, डॉ. आनंद घायल हुए, उनकी पत्नी ने बड़े भाई एवं गायत्री शिक्षा निकेतन के संचालक सत्य प्रकाश सुधांशु पर गोली मारने का आरोप लगाया और पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया. लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच चार दिनों तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई.


आखिरकार शुक्रवार देर शाम डॉ. ओपी आनंद ने अपने बड़े भाई सत्य प्रकाश सुधांशु के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई. मगर तब तक घटनाक्रम बदल चुका था. पुलिस हिरासत से पहले ही छूट चुके सत्य प्रकाश सुधांशु परिवार सहित अपने आवास से गायब मिले और घर पर ताला लटका था. अब पुलिस उनकी तलाश में जुटी है.
पत्नी ने उसी रात लगाया आरोप, फिर FIR में चार दिन क्यों लगे ?
घटना सोमवार रात की है. गोली लगने से घायल डॉ. ओपी आनंद को टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर उनकी पीठ में फंसी गोली निकाल दी. घटना के तत्काल बाद उनकी पत्नी ने पुलिस को फोन कर बड़े भाई सत्य प्रकाश सुधांशु पर गोली चलाने का आरोप लगाया था.
पुलिस ने इसी आधार पर सुधांशु को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया. दूसरी ओर पुलिस डॉ. आनंद से औपचारिक शिकायत लेने का प्रयास करती रही, लेकिन इलाज का हवाला देते हुए शिकायत दर्ज कराने में देरी होती रही. ऐसे में अब चार दिनों की यह देरी जांच का महत्वपूर्ण पहलू बन गई है. सवाल है कि घटना के तुरंत बाद भाई पर आरोप सामने आने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज कराने में इतना वक्त क्यों लगा ?
दो दिन पूछताछ, फिर रिहाई और अब घर पर ताला
घटना के बाद सत्य प्रकाश सुधांशु से पुलिस ने करीब दो दिनों तक पूछताछ की थी. उस समय औपचारिक प्राथमिकी नहीं होने के कारण बाद में उन्हें छोड़ दिया गया. इसके बाद वे परिवार सहित आवास से चले गए.
शुक्रवार देर शाम छोटे भाई की ओर से प्राथमिकी दर्ज होते ही मामला कानूनी रूप से आगे बढ़ा. पुलिस जब आरोपी की तलाश में सक्रिय हुई तो उसके आवास पर ताला मिला. अब पुलिस संभावित ठिकानों पर उसकी तलाश कर रही है.
गोली डॉक्टर की पीठ से मिली, मगर हथियार अब भी पुलिस की पहुंच से दूर
मामले की एक और महत्वपूर्ण कड़ी वारदात में इस्तेमाल हथियार है. डॉक्टर के शरीर से गोली निकाली जा चुकी है, लेकिन जिस हथियार से गोली चलने का आरोप है, उसकी बरामदगी अभी नहीं हो सकी है. ऐसे में हथियार की बरामदगी जांच के लिए अहम होगी. गोली किस हथियार से चली, हथियार किसका था और घटना के समय वास्तव में क्या परिस्थितियां बनी थीं, इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच से ही स्पष्ट होंगे.
संपत्ति विवाद की चर्चा, मगर असली वजह पर अभी पर्दा
स्थानीय स्तर पर दोनों भाइयों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद की चर्चा भी सामने आ रही है. हालांकि पुलिस की ओर से अभी यह स्थापित नहीं किया गया है कि गोली चलने के पीछे संपत्ति विवाद ही कारण था. इसलिए इसे फिलहाल जांच के दायरे में मौजूद एक संभावित पहलू के रूप में ही देखा जा रहा है.
आरआईटी थाना प्रभारी रविकांत पराशर ने प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि की है. पुलिस आरोपी की तलाश के साथ पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. अब इस मामले में FIR दर्ज कराने में चार दिन की देरी, पूछताछ के बाद सत्य प्रकाश सुधांशु का छूटना, उसके बाद परिवार सहित अनुपस्थित मिलना और हथियार की बरामदगी नहीं होना जांच के महत्वपूर्ण बिंदु बन गए हैं.
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल वही है- दो भाइयों के बीच उस रात आखिर ऐसा क्या हुआ कि मामला गोली चलने तक पहुंच गया ? इसका वास्तविक जवाब पुलिस जांच, फॉरेंसिक साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयानों के बाद ही सामने आ सकेगा.

