जमशेदपुर: बेंगलुरु के मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन कैंपस में कदमा के 19 वर्षीय B.Tech छात्र लक्ष्य मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है. आयोग ने कर्नाटक सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर और मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (MAHE), बेंगलुरु कैंपस के वाइस चांसलर को नोटिस जारी कर मामले की जांच कराने और दो सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.


NHRC का यह आदेश 16 सितंबर 2026 को जारी किया गया है. मामला संख्या 568/10/1/2026 दर्ज है. शिकायत 7 सितंबर 2026 को आयोग के समक्ष दी गई थी.
पिता ने उठाए बेटे की मौत पर कई सवाल
NHRC के आदेश के मुताबिक शिकायतकर्ता अंजनी कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया है कि उनका 19 वर्षीय बेटा लक्ष्य मिश्रा MAHE बेंगलुरु में B.Tech का छात्र था और हॉस्टल की नौवीं मंजिल से कथित रूप से गिरने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई थी.
शिकायत में कहा गया है कि घटना के करीब पांच महीने गुजर जाने के बावजूद मौत की परिस्थितियों को लेकर कोई स्पष्ट जवाब या जवाबदेही सामने नहीं आई है. पिता ने हॉस्टल की खिड़की की संकरी ओपनिंग, शव की स्थिति और CCTV फुटेज से कथित छेड़छाड़ की आशंका समेत कई सवाल उठाए हैं.
ये सभी बिंदु शिकायतकर्ता के आरोप हैं और अभी जांच का विषय हैं. NHRC के आदेश में इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि शिकायत में उठाए गए आरोपों के रूप में दर्ज किया गया है.
रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग
शिकायतकर्ता ने NHRC से मामले में हस्तक्षेप करते हुए सभी संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित कराने, फॉरेंसिक एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को संरक्षित करने और विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट मंगाने की मांग की है. साथ ही आवश्यकता पड़ने पर स्वतंत्र जांच की सिफारिश करने का आग्रह भी किया गया है, ताकि मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके तथा परिवार को न्याय मिल सके.
NHRC ने प्रथम दृष्टया मानवाधिकार उल्लंघन की आशंका मानी
आयोग के आदेश में कहा गया है कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया पीड़ित के मानवाधिकारों के उल्लंघन की ओर संकेत करते प्रतीत होते हैं. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत मामले का संज्ञान लिया. आदेश के अनुसार पीठ की अध्यक्षता NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो ने की.
आयोग ने कर्नाटक के उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर और MAHE बेंगलुरु के वाइस चांसलर को शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कराने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
NHRC ने यह भी निर्देश दिया है कि मामले में तैयार रिपोर्ट की एक प्रति आयोग की संबंधित ई-मेल पर भी भेजी जाए. शिकायत की प्रति संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रेषित की गई है.

