सरायकेला: जिले के कुचाई प्रखंड की रूगुडीह पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय धुनाडीह की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा है. हालात ऐसे हैं कि बारिश के दौरान बच्चों को तिरपाल के सहारे या विद्यालय परिसर के बाहर बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है. बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है.


ग्राम प्रधान प्रदीप मुंडा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्यालय भवन की छत से पानी टपकता है और दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं. भवन के हिस्से गिरने का खतरा बना हुआ है. ऐसे में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को यहां पढ़ाना जोखिम भरा हो गया है.
ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय की स्थिति को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक नए भवन के निर्माण अथवा सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई.
15 दिन में पहल नहीं तो स्कूल में लगेगा ताला
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि 15 दिनों के भीतर नए विद्यालय भवन के निर्माण की दिशा में पहल या बच्चों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो ग्रामीण विद्यालय में ताला जड़ देंगे और बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर देंगे. इसके बाद उपायुक्त कार्यालय सरायकेला का घेराव किया जाएगा.
अभिभावकों ने कहा कि उनका उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई रोकना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित माहौल में शिक्षा दिलाना है. किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय विभाग को तत्काल कदम उठाना चाहिए.
बताया गया कि प्राथमिक विद्यालय धुनाडीह की स्थापना 1971 में हुई थी. यहां कक्षा एक से पांच तक करीब 70 विद्यार्थी पढ़ते हैं. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है.
बैठक में ग्राम प्रधान प्रदीप मुंडा, वार्ड सदस्य सरवाला मुंडा, शिक्षक जगमोहन जामुदा, मधुसूदन मुंडा, इंद्रजीत मुंडा, हरिश्चंद्र नाग, गुरुचरण मुंडा, सुखलाल मुंडा, सुकुर मुंडा, दिगी मुंडा, आसामनी मुंडा, सुकरा लोहार, जितेंद्र मुंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक मौजूद रहे.

