सरायकेला: सरकारी नौकरी की आस में आवेदन करने वाले युवाओं के लिए सरायकेला-खरसावां जिले में चौकीदार बहाली की कहानी लंबे इंतजार में बदल गई है. वर्ष 2024 में 357 ग्रामीण चौकीदारों की सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया, आवेदन लिए गए, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है. सरकार की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन समय बीतने के साथ प्रक्रिया कानूनी पेच में उलझती चली गई.


357 पदों पर निकला था भर्ती विज्ञापन
उपायुक्त कार्यालय की सामान्य शाखा की ओर से विज्ञापन संख्या 01/2024 जारी कर जिले में चौकीदार के 357 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे. आवेदन की अंतिम तिथि 25 जुलाई 2024 निर्धारित की गई थी.
विज्ञापन में गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का हवाला देते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने की बात कही गई थी.
सरकारी निर्देश के अनुसार चौकीदारों के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया 30 अगस्त 2024 तक पूरी की जानी थी. इसके बावजूद सितंबर 2026 आ चुका है और बहाली की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है. यानी जिस नियुक्ति प्रक्रिया को कुछ महीनों में पूरा किया जाना था, वह दो साल से अधिक समय बाद भी अधर में लटकी हुई है.
कानूनी विवाद बना बड़ी अड़चन
चौकीदार बहाली में सबसे बड़ी अड़चन कानूनी विवाद को बताया जा रहा है. चौकीदार पद पर कार्यरत कुछ कर्मियों का कहना है कि उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है. अपनी सेवा और नियुक्ति से जुड़े अधिकारों को लेकर उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया है.
बताया जा रहा है कि इसी न्यायिक मामले का असर नई चौकीदार बहाली की प्रक्रिया पर भी पड़ रहा है. एक तरफ पुराने चौकीदार अपने अधिकार और वेतन के लिए न्यायालय की शरण में हैं, तो दूसरी तरफ नई बहाली के अभ्यर्थी नियुक्ति की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
तीन साल से कार्यालय का चक्कर लगा रहे अभ्यर्थी
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले करीब तीन वर्षों से लगातार उपायुक्त कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. हर बार उन्हें उम्मीद रहती है कि अब बहाली को लेकर कोई फैसला होगा, लेकिन इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा.
अभ्यर्थियों का सवाल है कि जब सरकार ने स्वयं नियुक्ति प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया था, तो आखिर 357 पदों पर बहाली अब तक क्यों नहीं हो सकी.
उनका कहना है कि आवेदन लेने के बाद वर्षों तक भर्ती प्रक्रिया लंबित रखना बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय है. इस दौरान कई अभ्यर्थियों की उम्र बढ़ रही है और उन्हें दूसरी सरकारी भर्तियों में उम्र सीमा पार होने का खतरा भी सता रहा है.
अभ्यर्थियों ने प्रशासन से की जल्द बहाली की मांग
अभ्यर्थियों ने जिला उपायुक्त से मांग की है कि चौकीदार बहाली से जुड़े न्यायिक और विभागीय पेंच को जल्द दूर किया जाए और वर्ष 2024 में विज्ञापित 357 पदों वाली भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराया जाए.
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने आवेदन शुल्क के साथ अपना समय भी लगाया है. अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि बहाली की स्पष्ट स्थिति और नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने की संभावित तारीख चाहिए.
बड़ा सवाल: दो साल से फाइलों में क्यों कैद है भर्ती?
357 पद, हजारों दावेदार और दो साल से अधिक का इंतजार. सरकारी आदेश में समय सीमा तय थी, विज्ञापन जारी हुआ और आवेदन भी लिए गए, लेकिन नियुक्ति आज तक पूरी नहीं हुई.
अब अभ्यर्थियों की नजर जिला प्रशासन और हाईकोर्ट में चल रही कानूनी प्रक्रिया पर टिकी है. सवाल सिर्फ चौकीदार बहाली का नहीं, बल्कि उन युवाओं के भविष्य का भी है, जो वर्षों से इस नौकरी की उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं.
संपादक: प्रमोद सिंह

