आदित्यपुर: शहरी क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित जलापूर्ति योजना को लेकर सामाजिक संगठन जनकल्याण मोर्चा ने एक बार फिर अधूरी जलापूर्ति का मुद्दा उठाया है. मोर्चा के अध्यक्ष सह अधिवक्ता ओम प्रकाश ने कहा कि 30 MLD सीतारामपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से आदित्यपुर- 2 में एक अगस्त 2026 से पेयजल आपूर्ति शुरू होना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन एक महीने बाद भी आरआईटी थाना क्षेत्र के कई इलाकों तक पानी नहीं पहुंच पाया है.


मोर्चा ने जलापूर्ति को लेकर वर्ष 2023 में झारखंड हाईकोर्ट में मोर्चा द्वारा दायर जनहित याचिका WP (PIL) No. 3629/2023, 13 जून 2026 का महाधरना और उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह की प्रशासनिक पहल का परिणाम बताया है. मोर्चा के मुताबिक आदित्यपुर- 2 के रोड नंबर 5, 6, 7, 8, 9 और 10 के अलावा जनता फ्लैट, बाबा कुटी, ट्रांसपोर्ट कॉलोनी, कृष्णपुर और आसंगी सहित कई क्षेत्रों में अब भी पेयजल आपूर्ति पूरी तरह शुरू नहीं हुई है.
12 हजार उपभोक्ता, पानी करीब 7 हजार तक
जनकल्याण मोर्चा का दावा है कि आदित्यपुर-2 में करीब 12 हजार वैध उपभोक्ता हैं, जबकि वर्तमान में लगभग 7 हजार उपभोक्ताओं तक ही जलापूर्ति हो रही है. मोर्चा ने उपायुक्त और आदित्यपुर नगर निगम के नगर आयुक्त को स्थिति से अवगत कराते हुए 15 सितंबर तक सभी वैध उपभोक्ताओं को पेयजल उपलब्ध कराने की मांग करने की बात कही है.
प्रेस बयान में जिंदल की ओर से यह आरोप लगाए जाने की बात भी कही गई है कि GAIL द्वारा गैस पाइपलाइन बिछाने के दौरान करीब 65 स्थानों पर पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई है. इससे विभिन्न क्षेत्रों में जलापूर्ति बहाल करने में परेशानी हो रही है.
अब सापड़ा के 60 MLD प्लांट पर नजर
मोर्चा ने 60 MLD सापड़ा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का मुद्दा भी उठाया है. संगठन के मुताबिक 13 जून के महाधरना के दौरान JUIDCO और कार्यकारी एजेंसी जिंदल को दिसंबर 2026 तक इस प्लांट से पेयजल आपूर्ति शुरू करने का अंतिम समय दिया गया था. सापड़ा प्लांट को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे आदित्यपुर-1 के बड़े हिस्से में जलापूर्ति प्रस्तावित है. मोर्चा का कहना है कि उपायुक्त ने भी नगर निगम और संबंधित एजेंसी को योजना निर्धारित समय में पूरा करने को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं.
3 सितंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई
आदित्यपुर जलापूर्ति के मुद्दे पर जनकल्याण मोर्चा की ओर से दायर जनहित याचिका की अगली सुनवाई 3 सितंबर 2026 को झारखंड हाईकोर्ट में प्रस्तावित है. मोर्चा अध्यक्ष ओम प्रकाश ने स्पष्ट किया कि सीतारामपुर प्लांट से जलापूर्ति शुरू होना सकारात्मक कदम है, लेकिन लड़ाई तब तक पूरी नहीं मानी जा सकती जब तक प्रत्येक वैध उपभोक्ता तक नियमित पेयजल नहीं पहुंचता. अब मोर्चा की निगाह 15 सितंबर की समयसीमा, सापड़ा प्लांट की दिसंबर की डेडलाइन और हाईकोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है.

