जामताड़ा: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जामताड़ा के तत्वावधान में जागृति योजना 2025- “सशक्त युवा, सशक्त भारत” के तहत गुरुवार को गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आईटीआई), जामताड़ा में लीगल एंपावरमेंट कैंप का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य दिलीप कुमार ने की.


कैंप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव पवन कुमार और डिप्टी चीफ, एलएडीसी उत्तम कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्लेसमेंट और रोजगार के दौरान सामने आने वाली संभावित कानूनी समस्याओं, उनके अधिकारों और कार्यस्थल पर उपलब्ध कानूनी सुरक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
नियुक्ति और वेतन से जुड़े अधिकारों की दी जानकारी
डीएलएसए सचिव पवन कुमार ने कहा कि नियुक्ति, वेतन, कार्य की शर्तों अथवा कार्यस्थल पर अधिकारों के उल्लंघन से जुड़ी किसी भी समस्या की स्थिति में युवा समय रहते उचित विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने युवाओं को अपने कानूनी अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार के शोषण या अन्याय की स्थिति में आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया.

उन्होंने साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी, बाल विवाह, बाल श्रम और पॉक्सो अधिनियम सहित विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी. उन्होंने बताया कि किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में डीएलएसए कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है. इसके अलावा नालसा की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 पर सूचना देकर भी विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है.
पवन कुमार ने कहा कि युवाओं का सशक्तिकरण केवल कौशल विकास और रोजगार तक सीमित नहीं है. अपने अधिकारों, कर्तव्यों और कानूनी सुरक्षा की जानकारी होना भी सशक्त युवा की पहचान है. उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से समाज में कानूनी जागरूकता फैलाने की अपील की.
कानून अधिकारों की रक्षा का माध्यम
डिप्टी चीफ, एलएडीसी उत्तम कुमार ने कहा कि कानून केवल सजा देने का माध्यम नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण साधन है. उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कानून के प्रति जागरूक रहने और आवश्यकता पड़ने पर उचित विधिक सहायता लेने की अपील की.
उन्होंने कहा कि रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी बेहद जरूरी है, ताकि वे कार्यस्थल पर किसी भी तरह के शोषण, भेदभाव या अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में उचित कदम उठा सकें.
कार्यक्रम में चीफ ट्रेनिंग ऑफिसर गणेश पहानिया, ट्रेनिंग ऑफिसर-कम-प्लेसमेंट ऑफिसर सुरेश कुमार, ट्रेनिंग ऑफिसर श्यामल कुमार भंडारी सहित शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे. इसके अलावा अधिकार मित्र विश्वजीत पाल, अमित कुमार मिश्रा, आनंद कुमार महतो, जगत मोहन, राजेश दत्ता और मेघा गुप्ता समेत बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थियों ने कार्यक्रम में भाग लिया.
कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षणार्थियों को कानूनी रूप से जागरूक, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार युवा बनने के लिए प्रेरित किया गया. साथ ही उनके उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य की कामना की गई.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

