रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार ने मंगलवार को बड़ा फैसला लिया है. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और कदाचार से संबंधित मामलों की जांच के बीच सरकार ने कई परीक्षाओं को रद्द करने, कुछ परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित रखने तथा पुरानी परीक्षाओं की CID जांच कराने का निर्णय लिया है. सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से जारी अधिसूचनाओं के अनुसार JPSC की 17 पूर्व परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच CID को सौंपी गई है. इनमें 5वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, सिविल जज भर्ती, मृदा संरक्षण पदाधिकारी, कृषि पदाधिकारी, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, डेंटिस्ट, संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा- 2016, सहायक अभियंता, संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2021 समेत कई महत्वपूर्ण भर्तियां शामिल हैं.


JSSC CGL 2023 रद्द
सबसे अहम फैसलों में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की CGL परीक्षा (विज्ञापन संख्या 10/2023) को रद्द करना शामिल है. अधिसूचना में कहा गया है कि CGL परीक्षा में अनियमितता की शिकायत पर गठित SIT की जांच तथा JPSC से जुड़े CID अनुसंधान के दौरान सरकार के समक्ष आए तथ्यों की पृष्ठभूमि में परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया गया है.
JPSC की कई मौजूदा भर्तियां भी निरस्त
सरकार ने TDPL के माध्यम से संपादित कई वर्तमान JPSC परीक्षाओं को भी रद्द कर दिया है. इनमें विश्वविद्यालयों के गैर-शैक्षणिक पदों की भर्ती, सहायक निदेशक/ सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर, ड्रग इंस्पेक्टर, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर, सरकारी पॉलिटेक्निक में लेक्चरर तथा मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट सहायक प्रोफेसर की भर्ती शामिल है.
इसके अलावा सिविल जज जूनियर डिवीजन, सहायक वन संरक्षक, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, सहायक लोक अभियोजक और संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025 समेत आठ अन्य परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा- 2023 की परीक्षाओं को भी निरस्त करने का फैसला लिया गया है.
छह परीक्षाओं पर अगले आदेश तक रोक
जिन परीक्षाओं में प्रारंभिक कार्य TDPL से अलग एजेंसी द्वारा कराया गया है, उन मामलों में संबंधित एजेंसी के क्रेडेंशियल्स की जांच CID को सौंपी गई है. जांच पूरी होने तक खाद्य विश्लेषक, डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन, प्रोजेक्ट मैनेजर, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज, बॉयलर इंस्पेक्टर और डायरेक्टर पद की छह भर्ती परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित रखा गया है.
परीक्षा सुधार के लिए बनेगी विशेष कमेटी
सरकार ने केवल परीक्षाएं रद्द करने तक फैसला सीमित नहीं रखा है. JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है. कमेटी में अन्य अधिकारियों के साथ प्रतिष्ठित संस्थान के निदेशक को भी सदस्य बनाया जाएगा. समिति को दो माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी.
इसके अलावा JPSC और JSSC में आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ गठित करने का निर्णय लिया गया है. अनियमितता और कदाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने के लिए झारखंड हाईकोर्ट से अनुरोध किया जाएगा.
अभ्यर्थियों में बढ़ी चिंता, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की उम्मीद
सरकार के इन फैसलों से जहां परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच का रास्ता साफ हुआ है, वहीं विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों के बीच नई चिंता भी पैदा हुई है. लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए परीक्षाओं का रद्द होना बड़ा झटका है. हालांकि सरकार की ओर से परीक्षा सुधार, निगरानी तंत्र और तेज न्यायिक प्रक्रिया की पहल से भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की उम्मीद जगी है.सरकार के फैसले का संदेश स्पष्ट है- भर्ती प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनियमितता की शिकायत मिलने पर जांच होगी और जरूरत पड़ने पर परीक्षा रद्द कर दोबारा प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

