गम्हरिया: छोटा गम्हरिया में मंगलवार को मनसा पूजा के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. वर्ष 1963 से आयोजित हो रही यह पारंपरिक पूजा आज भी क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बनी हुई है. सुबह से ही पूजा स्थल पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा. भक्तों ने माता मनसा की विधिवत पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की.


पूजा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था. धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा. पूजा समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं. बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे पूजा में शामिल हुए.
मनसा पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि वर्ष 1963 से लगातार आयोजित हो रही यह पूजा क्षेत्र की पुरानी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है. समय के साथ आयोजन का स्वरूप भले ही बदला हो, लेकिन लोगों की आस्था आज भी उतनी ही मजबूत है. प्रत्येक वर्ष आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर माता मनसा का आशीर्वाद लेते हैं.
पूजा आयोजन के संस्थापक स्वर्गीय राधानाथ मोदक, स्वर्गीय राखोहरि मोदक एवं स्वर्गीय आदोरी बाला मोदक के योगदान को श्रद्धापूर्वक याद किया गया. समिति के सदस्य शंकर मोदक, दिवाकर मोदक, मनोरंजन मोदक एवं अभिषेक मोदक ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
मनसा पूजा के दौरान श्रद्धा और धार्मिक उत्साह का संगम देखने को मिला. छोटा गम्हरिया पूरे दिन भक्तिमय माहौल में डूबा रहा. पारंपरिक पूजा आयोजन स्थानीय लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना रहा.
रिपोर्ट: रासबिहारी मंडल

