सरायकेला/ जमशेदपुर: लगातार हो रही बारिश और विभिन्न बांधों के फाटक खोले जाने के बाद जमशेदपुर एवं आदित्यपुर में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है. ऐसे मुश्किल समय में आदित्यपुर नगर निगम वार्ड 17 की पार्षद नीतू शर्मा आधी रात बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं और लोगों के बीच राहत सामग्री बांटकर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की मुहिम में जुटी रहीं. उन्होंने प्रभावित लोगों के बीच बिस्किट, चूड़ा, गुड़ और मुढ़ी का वितरण किया.


चांडिल डैम के 13 और ओडिशा स्थित बैंगविल डैम के दो फाटक खोले जाने के बाद खरकई नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. इसका असर अब शहर के प्रमुख इलाकों में भी दिखाई देने लगा है. शुरुआत में नदी किनारे और निचले इलाकों में पानी घुसा था, लेकिन जलस्तर बढ़ने के साथ अब शहरी क्षेत्र में भी खरकई नदी का बाढ़ का पानी पहुंच गया है. पानी सड़कों पर फैलने से कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है. वहीं, बाढ़ का पानी देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ भी जुट रही है.

जिला प्रशासन के अनुसार, आदित्यपुर ब्रिज के पास खरकई नदी का जलस्तर 129 मीटर के खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है. लगातार बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी आने के कारण स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है.
इधर, बागबेड़ा और मानगो के प्रभावित इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम ने मोर्चा संभाल लिया है. टीम द्वारा कई लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है. प्रशासन की टीमें भी लगातार प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं.
कुलुपटांगा फीडर की बिजली आपूर्ति बंद, इलाका अंधेरे में
बाढ़ के कारण आदित्यपुर में 11 हजार केवीए का विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर पानी में डूब गया है. इसके कारण कुलुपटांगा फीडर की विद्युत आपूर्ति रोक दी गई है. बीते दिन से ही संबंधित इलाका अंधेरे में डूबा हुआ है. जलस्तर बढ़ने के कारण बिजली व्यवस्था को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है.

प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. लोगों से अनावश्यक रूप से नदी और तेज बहाव वाले पानी के करीब नहीं जाने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है.
यदि खरकई नदी का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो जमशेदपुर के कई अन्य इलाकों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर सकता है. ऐसे में आने वाले घंटों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण होने की आशंका है.

