जमशेदपुर: आजसू पार्टी के दो दिवसीय राज्य युवा अधिवेशन के अंतिम दिन केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो के नेतृत्व में युवा कार्यकर्ताओं ने शहीद निर्मल महतो के शहादत स्थल और समाधि स्थल पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की. बिरसा मुंडा टाउन हॉल से बस के जरिए कार्यकर्ता चमरिया गेस्ट हाउस स्थित शहादत स्थल पहुंचे. यहां माल्यार्पण के बाद दो मिनट का मौन रखकर आत्ममंथन किया गया. इसके बाद उलियान स्थित शहीद निर्मल महतो के समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर उनके परिवार से मुलाकात की गई. कार्यक्रम के बाद कदमा गणेश पूजा मैदान में विशाल सभा का आयोजन हुआ.



सभा को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने हेमंत सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विरासत में मिली सत्ता के सुख में सरकार जनता और युवाओं की वास्तविक समस्याओं से दूर होती जा रही है. राज्य का युवा अपने अधिकार और भविष्य के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहा है, लेकिन उसकी आवाज सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुंच रही है.

सुदेश महतो ने कहा कि शहीद निर्मल महतो ने जिस झारखंड की कल्पना की थी, उसमें युवाओं के लिए रोजगार, बेहतर शिक्षा, विकास और झारखंडी अस्मिता को सम्मान मिलना था. आज उनके सपनों का झारखंड धूमिल होता दिखाई दे रहा है.
उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी केवल सत्ता की राजनीति नहीं करती, बल्कि आने वाली पीढ़ी को तैयार करने की राजनीति करती है. युवाओं को केवल कार्यकर्ता नहीं, बल्कि संगठनकर्ता और नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार किया जाएगा. युवाओं में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने का साहस और झारखंड के भविष्य को लेकर स्पष्ट सोच विकसित करना पार्टी की प्राथमिकता है.
पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस ने कहा कि आजसू पार्टी युवाओं को राजनीतिक संगठन में आगे बढ़ने और नेतृत्व करने का अवसर दे रही है. प्रशिक्षण और वैचारिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवा कार्यकर्ताओं को जननेता के रूप में तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है.

वहीं देवशरण भगत ने कहा कि युवा अधिवेशन का उद्देश्य केवल राजनीतिक गतिविधियां नहीं, बल्कि शहीद निर्मल महतो के विचारों और संघर्षों पर चिंतन करते हुए झारखंड के भविष्य की दिशा तय करना है. उन्होंने कहा कि युवाओं को राज्य के इतिहास और अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा.
इधर, आंदोलनकारी झामुमो नेता कान्हू सामंत भी अपने समर्थकों के साथ आजसू पार्टी में शामिल हुए. इसे कोल्हान की राजनीति में आजसू की सक्रियता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
कार्यक्रम के दौरान आजसू नेताओं और युवा कार्यकर्ताओं ने शहीद निर्मल महतो के विचारों और संघर्ष को आगे बढ़ाने तथा विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर झारखंड के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया.





