आदित्यपुर: सामाजिक सरोकार और मानव सेवा का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए प्रवीण सिंह स्मृति सेवा संस्थान द्वारा आयोजित छठे विशाल रक्तदान शिविर में रविवार को नया कीर्तिमान स्थापित हुआ. दिनभर चले इस महाअभियान में 1078 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया. रक्तदान के प्रति लोगों का ऐसा उत्साह देखने को मिला कि सुबह से शाम तक रक्तदाताओं की लंबी कतारें लगी रहीं. युवाओं, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर रक्तदान किया और मानव जीवन बचाने के इस पुनीत अभियान में अपनी भागीदारी निभाई.


शिविर का उद्घाटन भाजपा नेत्री मीरा मुंडा एवं मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया. दोनों अतिथियों ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा जीवनदान है. एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है. ऐसे आयोजन समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं.
शिविर में राजनीतिक, सामाजिक और औद्योगिक जगत की कई प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति ने आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया. पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो, जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, झामुमो नेता कालीपद (केपी) सोरेन, टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जगदीश नारायण चौबे, झामुमो युवा नेता सन्नी सिंह, आदित्यपुर नगर निगम के नगर आयुक्त एजाज अनवर, वार्ड-17 की पार्षद नीतू शर्मा सहित जमशेदपुर और सरायकेला- खरसावां के अनेक जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता शिविर में पहुंचे. सभी ने रक्तदाताओं का अभिनंदन किया और उन्हें समाज के सच्चे नायक बताया.
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है. दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, प्रसव और आपातकालीन चिकित्सा के दौरान मरीजों के लिए रक्तदान ही जीवन की सबसे बड़ी उम्मीद बनता है. इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए.
शिविर का संचालन ईचागढ़ के पूर्व विधायक एवं दिवंगत प्रवीण सिंह के बड़े भाई अरविंद सिंह तथा दिवंगत प्रवीण सिंह के पुत्र एवं आदित्यपुर नगर निगम के डिप्टी मेयर अंकुर सिंह ने किया. दोनों ने सभी रक्तदाताओं, चिकित्सकों, स्वयंसेवकों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय प्रवीण सिंह का सपना समाज सेवा और मानवता की सेवा था. उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए संस्था प्रत्येक वर्ष इस रक्तदान महाअभियान का आयोजन करती है.
पूरे आयोजन के दौरान अनुशासित व्यवस्था, चिकित्सकीय टीम की सक्रियता और स्वयंसेवकों की सेवा भावना आकर्षण का केंद्र रही. रक्तदान के बाद सभी रक्तदाताओं को प्रमाण-पत्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया. दिनभर चले इस महाशिविर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कोल्हान की धरती केवल औद्योगिक पहचान ही नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा और मानवता के लिए भी पूरे राज्य में मिसाल बन रही है.

