चांडिल: दलमा वन्यजीव अभ्यारण्य के माकुलाकोचा में झारखंड सरकार के पर्यटन, कला, संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य विभाग द्वारा विकसित दालमा इको रिट्रीट के उद्घाटन के साथ ही पर्यटकों का आगमन शुरू हो गया है. रविवार को उद्घाटन के बाद बड़ी संख्या में लोग इस नई पर्यटन परियोजना को देखने पहुंचे. प्राकृतिक सौंदर्य के बीच विकसित इस इको रिट्रीट को लेकर लोगों में खासा उत्साह और आकर्षण देखने को मिला.



इसी क्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता सह शिक्षाविद कालीपद सोरेन भी दालमा इको रिट्रीट पहुंचे. उन्होंने पूरे परिसर का भ्रमण कर वहां विकसित की गई सुविधाओं का अवलोकन किया तथा इसे झारखंड में इको-टूरिज्म को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया.
कालीपद सोरेन ने कहा कि दालमा इको रिट्रीट राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है. उन्होंने इस परियोजना का श्रेय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू तथा ईचागढ़ की विधायक सबिता महतो को देते हुए कहा कि सरकार ने प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है.
उन्होंने कहा कि दालमा अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और वन्यजीवों के लिए पहले से ही प्रसिद्ध रहा है. अब इको रिट्रीट के शुरू होने से देश-विदेश के पर्यटक यहां पहुंचेंगे, जिससे झारखंड के पर्यटन मानचित्र पर इस क्षेत्र की अलग पहचान बनेगी. पर्यटकों को यहां जल, जंगल और जमीन की संस्कृति, प्राकृतिक विरासत तथा आदिवासी जीवनशैली को करीब से जानने और समझने का अवसर मिलेगा.
दौरे के दौरान कालीपद सोरेन ने इको रिट्रीट में कार्यरत स्थानीय युवाओं से भी बातचीत की और उनकी जिम्मेदारियों तथा रोजगार के अनुभवों की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि इस तरह की परियोजनाएं स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार उपलब्ध कराने में सहायक साबित होंगी, जिससे पलायन पर भी रोक लगेगी.
उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में दालमा इको रिट्रीट राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देगा.
गौरतलब है कि रविवार को पर्यटन, कला, संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजा-अर्चना के साथ दालमा इको रिट्रीट का विधिवत उद्घाटन किया था. इस अवसर पर ईचागढ़ की विधायक सबिता महतो, घाटशिला के विधायक सोमेश सोरेन, प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही.





