
सरायकेला: झारखंड सरकार की प्रस्तावित नई औद्योगिक नीति को लेकर उद्योग जगत में सकारात्मक माहौल बनता दिखाई दे रहा है. बीते 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली के ताज पैलेस में आयोजित नेशनल स्टेक होल्डर्स कंसलटेशन को इसरो (इंडस्ट्रीयल स्टेबिलिटी एंड रिफॉर्म्स आर्गेनाइजेशन) के अध्यक्ष रुपेश कतरियार ने राज्य के औद्योगिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल बताया है.


उन्होंने कहा कि पहली बार झारखंड सरकार ने नई औद्योगिक नीति के ड्राफ्ट में उद्यमी संगठनों के सुझावों को शामिल किया है. इससे पहले उद्योग नीति निर्माण में इस स्तर पर उद्यमियों की भागीदारी देखने को नहीं मिली थी. उन्होंने बताया कि दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय परामर्श बैठक से पहले रांची में उद्योग विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न औद्योगिक संगठनों से सुझाव आमंत्रित किए थे, जिनमें कई महत्वपूर्ण सुझावों को ड्राफ्ट पॉलिसी में स्थान दिया गया है.

रुपेश कतरियार ने कहा कि नई औद्योगिक नीति केवल बड़े निवेशकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को भी समान अवसर और प्रोत्साहन मिले. उनका मानना है कि यदि नीति का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ तो झारखंड में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, स्थानीय उद्यमियों को मजबूती मिलेगी और राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा.
उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट में मौजूद कई कमियों को भी सरकार ने दूर करने की दिशा में कदम उठाया है. कुछ अन्य महत्वपूर्ण सुझाव भी सरकार को दिए जाएंगे, ताकि अंतिम औद्योगिक नीति और अधिक व्यावहारिक एवं उद्योग हितैषी बन सके.
मोमेंटम झारखंड की सीमित सफलता के सवाल पर उन्होंने कहा कि उद्योग जगत हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ता है. सरकार के मौजूदा प्रयास पहले की तुलना में अधिक समावेशी और व्यावहारिक नजर आ रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि नई औद्योगिक नीति राज्य में निवेशकों का विश्वास बढ़ाएगी और झारखंड औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश करेगा.
रुपेश कतरियार ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव तथा उद्योग विभाग के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार और उद्योग जगत के बीच बेहतर संवाद ही झारखंड को औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सबसे मजबूत आधार साबित होगा. इस अवसर पर संदीप मिश्रा, राजीव शुक्ला, गौतम महापात्रा, अवनीत मुतरेजा सहित कई उद्यमी एवं उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे. दिल्ली के सेमिनार में इसरो से अध्यक्ष रुपेश कतरियार, राजीव शुक्ला, आकाश जायसवाल और संजय दुबे, चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री से हर्ष अग्रवाल और विनोद शर्मा शामिल हुए थे.





