
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया नियंत्रण को लेकर सोमवार को उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम संचालकों के साथ कार्यशाला सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में मलेरिया की समय पर जांच, उपचार, सूचना और निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई.


उपायुक्त ने निर्देश दिया कि किसी भी निजी अस्पताल में मलेरिया का मरीज मिलने पर 24 घंटे के भीतर सिविल सर्जन कार्यालय को सूचना दी जाए और मरीज का इलाज भी तत्काल शुरू किया जाए. उन्होंने पोटका, डुमरिया, मुसाबनी, घाटशिला और धालभूमगढ़ से आने वाले बुखार के मरीजों की प्राथमिकता के आधार पर मलेरिया जांच कराने पर जोर दिया.
बैठक में बताया गया कि मलेरिया नियंत्रण के तहत 24 घंटे में मरीज की पहचान और इलाज, 72 घंटे में आसपास के लोगों की जांच तथा सात दिनों के भीतर प्रभावित क्षेत्र में सर्वे, ट्रैकिंग और इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (IRS) जैसी कार्रवाई की जाएगी.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रतिनिधि ने झारखंड के संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने पर जोर दिया. वहीं सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने निजी अस्पतालों से मलेरिया के संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच, सूचना और उपचार सुनिश्चित करने की अपील की.





