
जामताड़ा: झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन नई राज्य कार्यकारिणी के गठन के साथ संपन्न हो गया. राज्यभर से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सर्वसम्मति से नई कमेटी का गठन किया गया. सम्मेलन में कर्मचारियों के अधिकारों, सेवा शर्तों में सुधार, लंबित मांगों के समाधान तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा हुई.


सम्मेलन के समापन समारोह में झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, पूर्व विधायक विनोद सिंह, महासंघ के प्रदेश एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी तथा विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधि मौजूद रहे. चुनाव पदाधिकारी की देखरेख में संगठन के विभिन्न पदों के लिए सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया.
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि जामताड़ा जैसे छोटे जिले में राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन कर्मचारियों की एकजुटता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठन न केवल अपने सदस्यों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का कार्य करते हैं, बल्कि उन्हें बेहतर कार्य के लिए भी प्रेरित करते हैं. उन्होंने कर्मचारियों से अपने- अपने विभागों में ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने तथा राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की. साथ ही महासंघ को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया.
नई राज्य कार्यकारिणी
सम्मेलन में गोपाल शरण सिंह को राज्याध्यक्ष चुना गया. सुशीला तिग्गा को मुख्य संरक्षक, श्याम लाल चौधरी को संरक्षक तथा अरविंद प्रसाद को अध्यक्ष बनाया गया. सुधीर थापा, अरविंद प्रसाद, जया अफताब, मीरा कुमारी और लेखराज शर्मा को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई.
एमएल कुमार को महासचिव बनाया गया. भूषण कुमार, अजय कुमार (चतरा), सैयद नजमी अहमद, विजय तिग्गा और लोकेश कुमार को सचिव चुना गया. जितवादन उरांव को कोषाध्यक्ष तथा चंद्रदीप ठाकुर को कार्यालय सचिव बनाया गया.
इसके अलावा संगठन के विभिन्न प्रकोष्ठों के लिए भी पदाधिकारियों का चयन किया गया. राजीव नयन तिवारी को शारीरिक मंच का प्रभारी, शत्रुघ्न कुमार को मीडिया प्रभारी तथा चंद्रदीप ठाकुर को संपर्क कोष प्रभारी बनाया गया. महिला, युवा एवं विभिन्न विभागीय संगठनों के प्रतिनिधियों को भी अलग-अलग दायित्व सौंपे गए. प्रदेश के विभिन्न प्रमंडलों के लिए प्रक्षेत्रीय सचिवों का भी चयन किया गया.
नवनिर्वाचित राज्याध्यक्ष गोपाल शरण सिंह ने कहा कि महासंघ कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा, सेवा शर्तों में सुधार, वेतन विसंगतियों के समाधान तथा लंबित मांगों को लेकर सरकार के समक्ष मजबूती से अपनी बात रखेगा. उन्होंने सभी कर्मचारियों से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा एकजुट होकर कर्मचारी हितों की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया. सम्मेलन का समापन कर्मचारी एकता, संगठनात्मक मजबूती और कर्मचारी हितों की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





