
जामताड़ा: सदर अस्पताल में इलाज के दौरान दो मरीजों की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. मृतकों की पहचान फतेहपुर थाना क्षेत्र के चापुड़िया निवासी मुन्ना मोहाली तथा मिहिजाम थाना क्षेत्र के चंद्रदीपा निवासी बाबूराम मरांडी के रूप में हुई है.


डॉक्टर नहीं आए, नर्सों के भरोसे चलता रहा इलाज: परिजन
परिजनों का आरोप है कि भर्ती रहने के दौरान डॉक्टर मरीजों को देखने तक नहीं आए और पूरा इलाज नर्सों के भरोसे चलता रहा. उनका कहना है कि यदि समय पर चिकित्सकीय देखरेख मिलती तो दोनों मरीजों की जान बचाई जा सकती थी. घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बनी रही.
नियमित इलाज हुआ, मरीज पहले से थे गंभीर: डॉक्टर
ऑन ड्यूटी चिकित्सक डॉ. एपीएम देव ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि उनकी पूरी रात ड्यूटी थी और दोनों मरीजों का नियमित इलाज किया गया. डॉक्टर के अनुसार दोनों मरीज पहले से गंभीर एवं पुरानी बीमारियों से पीड़ित थे, जिसके कारण उनकी मौत हुई.
जांच और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. वहीं अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है और आवश्यक जांच की जाएगी.
इस बाबत सिविल सर्जन डॉ शिवप्रसाद मिश्रा ने कहा कि प्रथम दृष्टया अगर किसी तरह की चिकित्सकीय लापरवाही सामने आती हैं तो कारवाई की जाएगी.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





