
आदित्यपुर: टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी उर्फ टुन्नू चौधरी की धर्मपत्नी स्वर्गीय रेणुका चौधरी को रविवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई. बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट पर पूरे वैदिक रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ. अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में सामाजिक, राजनीतिक, औद्योगिक और श्रमिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की.


इससे पूर्व स्वर्गीय रेणुका चौधरी का पार्थिव शरीर उनके आदित्यपुर-1 स्थित आवास लाया गया. पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया. परिजनों के विलाप से वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं. टाटा स्टील परिवार, टाटा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारी एवं सदस्य, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, शुभचिंतक तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पहुंचे और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं.
इसके बाद उनके आवास से अंतिम यात्रा निकाली गई. शवयात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और “राम नाम सत्य है” के उद्घोष के बीच पार्थिव शरीर को बिष्टुपुर पार्वती घाट ले जाया गया, जहां पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया.
अंतिम यात्रा में आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ राजद नेता पुरेंद्र नारायण सिंह भी शामिल हुए. उन्होंने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय रेणुका चौधरी का असमय निधन अत्यंत दुखद और अपूरणीय क्षति है. उन्होंने कहा कि संजीव कुमार चौधरी उनके सहपाठी रहे हैं और दोनों परिवारों के बीच वर्षों से आत्मीय संबंध हैं. इस कठिन समय में वे पूरी संवेदना के साथ शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े हैं. उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की.
शवयात्रा और अंतिम संस्कार में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, टाटा स्टील के अधिकारियों, टाटा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में आम लोगों की उपस्थिति रही. सभी ने पुष्पांजलि अर्पित कर दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि दी.
उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय रेणुका चौधरी का शनिवार की शाम गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में निधन हो गया था. वह पिछले लगभग चार महीनों से गंभीर रूप से बीमार थीं. फरवरी में उन्हें हार्ट अटैक आने के बाद पहले टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH), फिर कोलकाता के रवींद्रनाथ टैगोर कार्डियक रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी. बाद में बेहतर इलाज के लिए उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां लगातार इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका. अपने पीछे वह पति संजीव कुमार चौधरी तथा दो पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं. उनके निधन से टाटा स्टील परिवार, टाटा वर्कर्स यूनियन और पूरे कोल्हान क्षेत्र में शोक की लहर है.
Edited By Sarita





