
जामताड़ा: जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर उपायुक्त सह जिला समुचित प्राधिकारी (पीसी एंड पीएनडीटी) आलोक कुमार ने कड़ी नाराजगी जताई है. पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत आयोजित जिला सलाहकार समिति की बैठक में अल्ट्रासाउंड केंद्रों के लाइसेंस और नियमों के पालन में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई.


बैठक में अल्ट्रासाउंड केंद्रों के तीन आवेदनों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि निर्धारित प्रक्रिया का सही ढंग से पालन नहीं किया गया है. इस पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि लाइसेंस नवीनीकरण के आवेदन समय पर लिए जाएं और केंद्रों को पूर्व सूचना भेजी जाए.
उन्होंने सिविल सर्जन और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन केंद्रों का लाइसेंस समाप्त हो चुका है, उनकी एक सप्ताह के भीतर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. साथ ही अधूरे दस्तावेजों वाले आवेदनों को वापस कर आवश्यक कागजातों के साथ दोबारा आवेदन लेने को कहा.
उपायुक्त ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रसव पूर्व लिंग जांच पूरी तरह गैरकानूनी है. यदि किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र की इसमें संलिप्तता पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बैठक में डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा, डॉ. दिनेश प्रसाद, डॉ. निलेश कुमार, डॉ. दुर्गेश झा, डीपीएम प्रदीप महतो सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल






