
आदित्यपुर: एक ओर देशभर में अवैध खनन और बालू भंडारण पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियम प्रभावी हैं, वहीं दूसरी ओर आदित्यपुर थाना क्षेत्र स्थित सुवर्णरेखा नदी के सांपड़ा घाट के समीप इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. आरोप है कि बालू माफिया नदी किनारे मैदान में बड़े पैमाने पर बालू का अवैध भंडारण कर रहे हैं.


स्थानीय लोगों के अनुसार, सांपड़ा घाट के आसपास कई स्थानों पर बालू के बड़े-बड़े ढेर लगाए गए हैं. बताया जा रहा है कि रात के अंधेरे में इन भंडारित बालू की ऊंचे दामों पर बिक्री की जा रही है. बरसात के मौसम में जब बालू खनन पर प्रतिबंध रहता है और बाजार में इसकी कमी हो जाती है, तब यही बालू तीन से चार गुना अधिक कीमत पर बेचे जाने की तैयारी की जा रही है.
सबसे बड़ा सवाल खनन विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर उठ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले मैदान में बड़े पैमाने पर बालू का भंडारण किसी से छिपा नहीं है. इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. इससे यह भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बालू माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है.
क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अवैध रूप से जमा किए गए बालू को जब्त करने तथा इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बरसात के दौरान अवैध बालू कारोबार और तेज हो जाएगा. फिलहाल इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है और सभी की निगाहें जिला प्रशासन तथा खनन विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.
Edited By Sarita






