
सरायकेला: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) में अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है. गम्हरिया में आयोजित एक जॉइनिंग कार्यक्रम को लेकर पार्टी के भीतर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. जिस कार्यक्रम में सिंहभूम सांसद जोबा माझी की मौजूदगी में कई लोगों को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई थी, उसी जॉइनिंग को अब झामुमो जिला समिति ने तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है.


झामुमो जिलाध्यक्ष डॉ. शुभेन्दु महतो ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि 13 जून 2026 को गम्हरिया प्रखंड में कालीपद सोरेन के आवास पर आयोजित जॉइनिंग कार्यक्रम जिला समिति की पूर्व अनुमति और आधिकारिक जानकारी के बिना किया गया था. ऐसे में बीटी. दास, ममता वेज और उनके साथियों की पार्टी में हुई जॉइनिंग को अमान्य घोषित किया जाता है.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस कार्यक्रम में सांसद जोबा माझी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थीं, उस कार्यक्रम को अब जिला समिति ने ही अवैध करार दे दिया है. इससे पार्टी के अंदर समन्वय और नेतृत्व को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं. राजनीतिक गलियारों में इसे झामुमो की अंदरूनी गुटबाजी और संगठनात्मक टकराव के रूप में देखा जा रहा है.
जिला समिति ने साफ निर्देश दिया है कि भविष्य में पार्टी की किसी भी बैठक, जॉइनिंग कार्यक्रम या संगठनात्मक गतिविधि का आयोजन जिला समिति की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा. साथ ही चेतावनी दी गई है कि पार्टी से निष्कासित या अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा झामुमो के नाम, झंडे और बैनर का उपयोग करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि पार्टी अनुशासन के खिलाफ काम करने वालों पर बिना किसी पूर्व सूचना के कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हालांकि इस पूरे विवाद पर सांसद जोबा माझी या जॉइनिंग कार्यक्रम से जुड़े अन्य नेताओं की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
जिले की राजनीति में यह घटनाक्रम नई चर्चा का विषय बन गया है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और सांसद जोबा माझी इस पूरे मामले पर क्या सफाई देती हैं.
रिपोर्ट: रासबिहारी मंडल


