चाईबासा. पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ प्रखंड अंतर्गत शुक्रवार को विभिन्न विद्यालयों में व्यापक स्तर पर अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) का आयोजन किया गया. राज्य संपोषित उच्च +2 विद्यालय, बालिका मध्य विद्यालय, मॉडल स्कूल और बालक मध्य विद्यालय सोनुआ सहित प्रखंड के कई स्कूलों में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया. इस दौरान बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, स्वास्थ्य, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई.


बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी के दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया. शिक्षा विभाग की विशेष पहल “परख परीक्षा” को लेकर अभिभावकों को जानकारी दी गई और बताया गया कि बच्चों के बेहतर भविष्य तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विद्यालय में 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है. अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की गई.

स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम के तहत आगामी मौसम को देखते हुए बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए कई आवश्यक सुझाव दिए गए. अभिभावकों को सलाह दी गई कि बच्चों को रात में पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनाएं. स्वच्छ एवं हल्का गुनगुना पानी पिलाएं. बच्चों को जमीन पर न सुलाएं तथा मच्छरों से बचाव के लिए नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें. साथ ही मलेरिया, फाइलेरिया और पोलियो जैसी बीमारियों के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया.
बैठक में आगामी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की गई. 15 जून को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाने, 28 जून को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान चलाने तथा 14 जून विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर रक्तदान के प्रति लोगों को प्रेरित करने की अपील की गई. हर माह की 8 और 24 तारीख को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए भी लोगों को जागरूक किया गया. इसके अलावा टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मरीजों को गोद लेने और देश को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया गया. स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए जेएसएलपीएस दीदी स्टॉल से आम खरीदने की भी अपील की गई.
बालिकाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई. वक्ताओं ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ समाज को एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया. बच्चों को गुड टच और बैड टच के प्रति जागरूक करने, घरेलू हिंसा पर रोक लगाने, पॉक्सो एक्ट और अन्य कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने तथा माहवारी के दौरान बालिकाओं की स्वच्छता और सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया गया.
बैठक में सरकार की विभिन्न छात्र कल्याण योजनाओं की भी समीक्षा की गई. सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय साधन-सह-मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा तथा उन्नत का पहिया योजना के तहत साइकिल वितरण जैसी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र छात्र-छात्रा तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया.
बैठक का प्रमुख आकर्षण नशा मुक्ति अभियान रहा. नशे के दुष्परिणामों और “ब्लैक डॉट चैलेंज” पर विस्तृत चर्चा के बाद विद्यालय परिसर में उपस्थित शिक्षकों, प्रबुद्ध नागरिकों और सैकड़ों अभिभावकों ने एक स्वर में नशा मुक्त समाज के निर्माण की सामूहिक शपथ ली.
रिपोर्ट: जयंत प्रमाणिक

