सरायकेला: विश्वविख्यात छऊ परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी पहचान के बाद सम्मान और बधाइयों का सिलसिला जारी है. संगीत नाटक अकादमी सम्मान 2025 के लिए चयनित सरायकेला छऊ मुखौटा निर्माण कला के वरिष्ठ गुरु सुशांत कुमार महापात्र को राज्यसभा सांसद एवं झारखंड भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रदीप वर्मा ने उनके आवास पहुंचकर सम्मानित किया.


इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने गुरु सुशांत कुमार महापात्र को शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान जताया और उनकी उपलब्धि को सरायकेला ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड और देश के लिए गौरव का विषय बताया. उनके साथ आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष उदय सिंहदेव, राजा सिंहदेव, बीजू दत्ता, राकेश सिंह, सुमित चौधरी सहित कई गणमान्य लोग और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे.
सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने कहा कि संगीत नाटक अकादमी सम्मान केवल एक कलाकार की उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सरायकेला की ऐतिहासिक छऊ परंपरा का सम्मान है. उन्होंने कहा कि गुरु सुशांत कुमार महापात्र ने वर्षों की साधना, समर्पण और अथक परिश्रम से छऊ मुखौटा निर्माण कला को नई पहचान दिलाई है.
उन्होंने कहा कि सरायकेला छऊ कला आज राष्ट्रीय सीमाओं को पार कर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी है. ऐसे कलाकारों की उपलब्धियां नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा देती हैं.
डॉ. वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं. झारखंड की लोककला, संस्कृति और परंपराओं को भी राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंचों पर सम्मान दिलाने के प्रयास जारी हैं.
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाली पीढ़ियां भी सरायकेला छऊ की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और इस विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी.
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भी गुरु सुशांत कुमार महापात्र को बधाई देते हुए उनकी उपलब्धि को सरायकेला जिले के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायक बताया. सम्मान समारोह के दौरान पूरे माहौल में सांस्कृतिक गौरव, सम्मान और उत्साह का भाव देखने को मिला.
रिपोर्ट: प्रमोद सिंह

