सरायकेला: जिले के गम्हरिया थाना अंतर्गत छोटा गम्हरिया स्थित वात्सल्य बालिका गृह से दो नाबालिग बच्चियों के फरार होने के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी लापरवाही स्वीकार की है. उपायुक्त नितीश कुमार सिंह ने साफ तौर पर माना कि एजेंसी द्वारा तय सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था, जिस कारण दोनों बच्चियां बालिका गृह से फरार हो गईं.

उपायुक्त ने कहा कि फिलहाल प्रशासन और पुलिस की पहली प्राथमिकता दोनों बच्चियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर वापस लाना है. उन्होंने बताया कि दोनों की तलाश लगातार जारी है, लेकिन घटना के 72 घंटे बाद भी बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिलना चिंता का विषय है. इसको लेकर उन्होंने नाराजगी भी जताई.
डीसी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि बच्चियों को पर्याप्त सुरक्षा और निगरानी में नहीं रखा गया था. यही कारण है कि वे बालिका गृह से बाहर निकलने में सफल रहीं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अन्य माध्यमों में जो दावा किया जा रहा था कि फरार बच्चियों में से एक को उसके कथित प्रेमी के साथ देखा गया है, वह पूरी तरह भ्रामक और निराधार है.
गौरतलब है कि बीते मंगलवार शाम वात्सल्य बालिका गृह से जमशेदपुर के पोटका और सरायकेला- खरसावां के कुचाई दलभंगा की दो नाबालिग छात्राएं रहस्यमई तरीके से फरार हो गई थीं. घटना के बाद से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. बताया जा रहा है कि दोनों बच्चियों को हाल ही में रेस्क्यू कर बालिका गृह में रखा गया था.
उपायुक्त ने कहा कि बच्चियां किन परिस्थितियों में फरार हुईं, इसके पीछे क्या कारण थे और कहीं किसी की लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं थी, इसका खुलासा बच्चियों की बरामदगी के बाद ही हो सकेगा. इधर इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई और बालिका गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं.
सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि आखिर दोनों नाबालिग बच्चियां कहां गईं और अब तक उनका कोई सुराग क्यों नहीं मिल पाया है. जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है.



