जामताड़ा: रेलवे बोर्ड द्वारा भारतीय रेलवे के 30 हजार पदों को सरेंडर करने के निर्णय के विरोध में भारतीय रेलवे मज़दूर संघ के आह्वान पर चिरेका कर्मचारी संघ की ओर से विरोध पखवाड़ा मनाया जा रहा है. 15 मई से 29 मई तक चलने वाले इस आंदोलन के तहत शुक्रवार को चिरेका कर्मियों ने हाथों में काला फीता बांधकर जोरदार प्रदर्शन किया और रेलवे बोर्ड के फैसले के खिलाफ नाराजगी जताई.

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि रेलवे के कई विभाग पहले से ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे हैं. ऐसे में 30 हजार पदों को सरेंडर करने का फैसला पूरी तरह कर्मचारी विरोधी है. कर्मचारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी कीमत पर पदों की कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
कर्मचारियों ने कहा कि लगातार पदों में कटौती से कार्य का दबाव बढ़ेगा और इसका असर रेलवे सेवाओं पर भी पड़ेगा. प्रदर्शन के दौरान रेलवे बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी भी की गई.
आंदोलन में महिला कर्मचारियों की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली. महिला शक्ति ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता दिखाई.
संघ नेताओं ने बताया कि विरोध पखवाड़ा के तहत लगातार विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में आगामी 29 मई 2026 को चिरेका कर्मचारी संघ की ओर से धरना- प्रदर्शन किया जाएगा.
संघ ने सभी रेल कर्मचारियों से आंदोलन में शामिल होकर एकजुटता दिखाने की अपील की है. कर्मचारियों ने कहा कि यदि रेलवे बोर्ड ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल



