सरायकेला. भीषण गर्मी के बीच सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र के लोग पिछले चार दिनों से लो वोल्टेज की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं. 44 डिग्री तापमान में बिजली व्यवस्था चरमराने से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग उपभोक्ताओं से समय पर बिल तो वसूल रहा है, लेकिन पर्याप्त वोल्टेज के साथ बिजली आपूर्ति देने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है.

नगर पंचायत क्षेत्र में दिनभर लो वोल्टेज की स्थिति बनी रहने से घरों में पंखे नाम मात्र के चल रहे हैं. कूलर और एयर कंडीशनर काम करना बंद कर चुके हैं. कई इलाकों में बल्ब तक ठीक से नहीं जल रहे हैं. भीषण गर्मी के कारण लोग रातभर सो नहीं पा रहे हैं और पसीने से तरबतर होकर रात गुजारने को मजबूर हैं.
लो वोल्टेज की वजह से पेयजल संकट भी गहराने लगा है. मोटर नहीं चलने से लोगों को पानी भरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित हैं. कई परिवारों को हाथ से पंखा झलकर रात बितानी पड़ रही है.
स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. उपभोक्ताओं का आरोप है कि शिकायत करने पर केवल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं.
लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित जूनियर इंजीनियर दोपहर के बाद क्षेत्र से बाहर चले जाते हैं और उसके बाद उपभोक्ताओं के फोन तक रिसीव नहीं किए जाते. वहीं बिजली विभाग के कंट्रोल रूम का नंबर अधिकतर समय बंद रहने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी में बिजली जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं होना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है. गुस्साए नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द लो वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो लोग सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए. साथ ही ट्रांसफॉर्मर और बिजली लाइन व्यवस्था को जल्द अपग्रेड कर नगर पंचायत क्षेत्र में निर्बाध एवं पर्याप्त वोल्टेज के साथ बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए.
रिपोर्ट: प्रमोद सिंह



