सरायकेला: नगर क्षेत्र और आसपास के इलाकों में विद्युत आपूर्ति को अधिक मजबूत, सुरक्षित और बाधारहित बनाने की दिशा में सोमवार सुबह व्यापक जमीनी निरीक्षण अभियान चलाया गया. नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने सहायक अभियंता, सीनियर लाइनमैन देबाशीष पटनायक और विभागीय टीम के साथ उलीझाड़ी ग्रिड से सरायकेला सब-स्टेशन तक विद्युत लाइन क्षेत्र का निरीक्षण किया.

करीब 25 किलोमीटर लंबी लाइन में से लगभग 10 किलोमीटर क्षेत्र का पैदल निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान टीम जंगल, पहाड़, नदी-नाले और अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंची तथा बिजली आपूर्ति में बार-बार आने वाली तकनीकी समस्याओं का गंभीरता से अध्ययन किया.
निरीक्षण में पाया गया कि कई स्थानों पर विद्युत लाइन घने जंगलों और पेड़ों की टहनियों से घिरी हुई है, जिससे बार-बार फॉल्ट की समस्या उत्पन्न हो रही है. इसके अलावा पुराने इंसुलेटर और दुर्गम रास्तों के कारण मरम्मत कार्य में भी काफी परेशानी हो रही है.
स्थिति को देखते हुए विद्युत व्यवस्था में दीर्घकालिक सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इनमें पुराने पोर्सिलेन इंसुलेटर की जगह आधुनिक पॉलीमर इंसुलेटर लगाने, संवेदनशील स्थानों पर लाइन को सुरक्षित दिशा में डायवर्ट करने, पेड़ों की टहनियों की छंटाई कराने और जरूरत पड़ने पर बड़े वृक्ष हटाने का निर्णय शामिल है. इसके साथ ही रात्रि के समय किसी खराबी की स्थिति में लाइनमैन और तकनीकी कर्मियों को आसानी से पहुंच उपलब्ध कराने के लिए जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में विद्युत लाइन के नीचे आवागमन मार्ग को साफ और व्यवस्थित करने का भी फैसला लिया गया.
नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि सरायकेला की विद्युत समस्या वर्षों पुरानी है और प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण चुनौतियां और बढ़ जाती हैं. उन्होंने कहा कि समस्याओं से भागने के बजाय जमीनी स्तर पर समाधान खोजना जनप्रतिनिधियों और विभाग की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि जनता को बेहतर, सुरक्षित और निर्बाध बिजली सुविधा उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. “काम केवल कार्यालय में बैठकर नहीं होता, बल्कि जंगल-पहाड़ों में उतरकर वास्तविक समस्याओं को समझने से स्थायी समाधान निकलता है.”
उन्होंने बताया कि आने वाले एक-दो दिनों में विद्युत विभाग के अभियंताओं और तकनीकी टीम के साथ सरायकेला से राजखरसावां ग्रिड तक विद्युत लाइन क्षेत्र का भी विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा, ताकि बिजली आपूर्ति में बाधा उत्पन्न करने वाले सभी तकनीकी और भौगोलिक कारणों की पहचान कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके. स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा.



