जामताड़ा/ Manish Baranwal आगामी जनवरी माह में प्रस्तावित श्री श्री महारुद्र यज्ञ के आयोजन को लेकर समाजसेवी चमेली देवी के आवास पर सोमवार को एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई. बैठक में यज्ञ की रूपरेखा, तैयारी और जनसहभागिता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई.

बैठक में बताया गया कि जामताड़ा में वर्ष 2000 में मोनी बाबा के देखरेख में श्री श्री महारुद्र यज्ञ का आयोजन हुआ था, जिसके मुख्य यजमान पूर्व विधायक स्वर्गीय विष्णु भैया थे. अब तक इस यज्ञ का सात बार सफल आयोजन हो चुका है और वर्ष 2027 में इसका आठवां आयोजन किया जाएगा.
इस अवसर पर वनांचल पीठाधीश्वर श्री श्री दीन दयाल जी उपाध्याय ने कहा कि जामताड़ा की पुण्य भूमि पर इस यज्ञ का आयोजन होना परमात्मा की इच्छा का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि यज्ञ से प्रकृति का संतुलन बना रहता है, वर्षा होती है और समस्त जीव-जंतुओं के पालन-पोषण में सहायता मिलती है.
उन्होंने पूर्व विधायक स्वर्गीय विष्णु भैया के योगदान को याद करते हुए कहा कि दुमका रोड स्थित शिव मंदिर और यज्ञशाला का निर्माण उनकी प्रेरणा से ही संभव हो पाया, जिसने पूरे सनातन समाज को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य किया. समाजसेवी चमेली देवी ने बताया कि शिव मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार के बाद यज्ञ मंडप के चारों ओर ग्रिल लगाने का प्रस्ताव रखा जाएगा, जिस पर समिति के सदस्यों के साथ विचार- विमर्श किया जाएगा. वहीं समिति सदस्य प्रदीप केडिया ने कहा कि मंदिर परिसर के विकास और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार की जा रही है.
बताया गया कि महारुद्र यज्ञ नौ दिनों तक आयोजित होता है. इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए कम शुल्क पर भोजन की व्यवस्था की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार कई लोग इस अवधि में अपने घरों में चूल्हा नहीं जलाते और यज्ञ स्थल पर प्रसाद ग्रहण करते हैं.
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी दुर्गा पूजा के बाद यज्ञ के सफल आयोजन के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाएगा.

